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वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील के विरोध में व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन किया
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:24 PM IST
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वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील के विरोध में व्यापारियों ने किया धरना-प्रदर्शन
नई दिल्ली। कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के नेतृत्व में व्यापारियों ने सोमवार को वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस डील को देश के रिटेल व्यापार एवं अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताते हुए सरकार से इसको रद करने की मांग उठाई।
कैट के नेतृत्व में व्यापारियों ने करोल बाग में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कैट ने सरकार से मांग की है कि इस डील को रद्द करके ई कॉमर्स के लिए एक नीति तुरंत बनाई जाए। इसके अलावा दूसरी ओर ई कॉमर्स के लिए एक रेगुलेटरी अथॉरिटी भी बनाई जाए, जो देश में ई कॉमर्स व्यापार की देखरेख करे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस ओर तुरंत कोई कदम नहीं उठाए जाने की स्थिति में देश भर के व्यापारी 23 से 25 जुलाई तक दिल्ली में हो रहे राष्ट्रीय महाधिवेशन में इस मुद्दे पर भविष्य की रणनीति तय करेंगे।
अध्यक्ष बीसी भरतिया व महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस डील को वालमार्ट के भारत के रिटेल व्यापार पर कब्जा जमाने की कोशिश बताया उन्होंने कहा कि वालमार्ट कथित रूप से विश्व का सबसे बड़ा रिटेलर है और फ्लिपकार्ट प्लेटफार्म पर लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, भारी डिस्काउंट और नुकसान की भरपाई के रास्ते से अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा जिससे भारतीय व्यापारियों को नुकसान होगा और वे इनका मुकाबला नहीं कर पाएंगे।
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नई दिल्ली। कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के नेतृत्व में व्यापारियों ने सोमवार को वालमार्ट फ्लिपकार्ट डील के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस डील को देश के रिटेल व्यापार एवं अर्थव्यवस्था के लिए घातक बताते हुए सरकार से इसको रद करने की मांग उठाई।
कैट के नेतृत्व में व्यापारियों ने करोल बाग में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कैट ने सरकार से मांग की है कि इस डील को रद्द करके ई कॉमर्स के लिए एक नीति तुरंत बनाई जाए। इसके अलावा दूसरी ओर ई कॉमर्स के लिए एक रेगुलेटरी अथॉरिटी भी बनाई जाए, जो देश में ई कॉमर्स व्यापार की देखरेख करे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस ओर तुरंत कोई कदम नहीं उठाए जाने की स्थिति में देश भर के व्यापारी 23 से 25 जुलाई तक दिल्ली में हो रहे राष्ट्रीय महाधिवेशन में इस मुद्दे पर भविष्य की रणनीति तय करेंगे।
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अध्यक्ष बीसी भरतिया व महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस डील को वालमार्ट के भारत के रिटेल व्यापार पर कब्जा जमाने की कोशिश बताया उन्होंने कहा कि वालमार्ट कथित रूप से विश्व का सबसे बड़ा रिटेलर है और फ्लिपकार्ट प्लेटफार्म पर लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, भारी डिस्काउंट और नुकसान की भरपाई के रास्ते से अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा जिससे भारतीय व्यापारियों को नुकसान होगा और वे इनका मुकाबला नहीं कर पाएंगे।
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