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फर्जी कॉल सेंटर से एक साथ 1500 लोगों की कराई जाती थी बात

Wed, 05 Aug 2020 01:09 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 01:09 AM IST
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1500 calls forwered in one time from Fake call centre
फर्जी कॉल सेंटर से एक साथ 1500 लोगों की कराई जाती थी बात
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नोएडा। सेक्टर-2 और 8 में पकड़े गए फर्जी कॉल सेंटर में एक साथ 1500 लोगों की बात कराने का सेटअप था। यह कॉल सेंटर तकनीकी रूप से इतना मजबूत था कि एक दिन में 2500 अंतरराष्ट्रीय वॉइस कॉल भारतीय नंबरों पर ट्रांसफर की जाती थीं। पुलिस की जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी ने एक टेलीकॉम एजेंसी से 300 लाइन का कनेक्शन लिया था, लेकिन सिस्टम में सेंधमारी कर 500 लाइन चला रहा था।
दूरसंचार विभाग की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने सोमवार को सेक्टर-2 और 8 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया था। साथ ही सेंटर संचालक शकरपुर दिल्ली निवासी सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था। कॉल सेंटर में अवैध टेलीकॉम सेटअप बनाकर अपने सिस्टम से बेड टेलीफोन गेटवे को दरकिनार कर भारतीय नंबरों पर अंतरराष्ट्रीय वॉइस कॉल ट्रांसफर की जा रही थीं। भारत सरकार के पास इसका कोई डाटा नहीं होता था। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा था। साथ ही भारत सरकार व दूरसंचार विभाग को आर्थिक क्षति हो रही थी। आरोपी पहले एक टेलीकॉम कंपनी में काम कर चुका था। आशंका जताई जा रही है कि उसने टेलीकॉम की जानकारी वहीं से सीखी। नोएडा जोन के एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी दिल्ली के पते पर ग्लोबल विजन नाम से अवैध रूप से नोएडा में कंपनी चला रहा था। मामले की जांच विभिन्न पहलुओं पर की जा रही है। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने रिलायंस जियो का कनेक्शन लिया था और उसके साथ भी धोखाधड़ी करने का प्रयास किया था। आरोपी ने कम कमाई का ब्योरा दिखाकर जीएसटी कम करने की मांग की थी।
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वीओआईपी से होती थी बात
पुलिस जांच में पता चला है कि कॉल सेंटर में वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के माध्यम से बात कराई जाती थी। वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीकॉम की एक उन्नत तकनीक है। इसके माध्यम से कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन के साथ किसी भी स्थान पर कॉल की जा सकती है। यह एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिग्नल में बदल देता है, इससे अधिक दूरी में भी कम शुल्क लगता है।
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करोड़ों का हुआ खेल
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा में डालकर अंतरराष्ट्रीय वॉइस कॉल को भारतीय नंबरों पर ट्रांसफर कराकर आरोपी ने करोड़ों की कमाई की है। हालांकि, अभी इसकी जांच चल रही है। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि अभी यह पता लगा रहे हैं कि प्रति कॉल आरोपी को कितना रुपया मिलता था। जांच में यह पता चला है कि सबसे अधिक स्विट्जरलैंड की कॉल को भारतीय नंबरों पर ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, अफ्रीकी और खाड़ी देशों से भी कॉल ट्रांसफर किए गए हैं।
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