फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   15 thousand flat buyers of Sports City are still stranded

Noida News: स्पोर्ट्स सिटी के 15 हजार फ्लैट खरीदार अब भी फंसे

Sun, 10 Dec 2023 01:02 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 10 Dec 2023 01:02 AM IST
विज्ञापन
15 thousand flat buyers of Sports City are still stranded
दोषियों की पहचान बाकी, शासन स्तर पर अब तक नहीं बनी हाईलेवल कमेटी
विज्ञापन



माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के 15 हजार फ्लैट खरीदार अब भी बुरी तरह से फंसे हुए हैं। रजिस्ट्री तो दूर की बात, इसके समाधान की गाड़ी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। आलम यह है कि लोक लेखा समिति (पीएसी) के आदेश के बाद भी शासन स्तर पर हाईलेवल कमेटी नहीं बन पाई है, जो कि इस घोटाले की जड़ का पता लगाने के लिए गठित होनी थी। ऐसे में दोषियों की पहचान होनी अभी भी बाकी है।
दरअसल, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की सितंबर 2021 में नोएडा प्राधिकरण के परफॉर्मेंस ऑडिट की रिपोर्ट के आधार पर लगाई गई आपत्तियों की सुनवाई के दौरान पीएसी ने पहले चरण में स्पोर्ट्स सिटी का मुद्दा उठाया था। इसके तहत आपत्तियों पर सुनवाई आदि हुई। इसमें प्रमुख आरोप यह है कि इस परियोजना का काम पूरा नहीं हुआ और यहां 70 प्रतिशत भाग पर खेल सुविधाओं का विकास नहीं हुआ। आलम यह है कि बाकी बचे हुए 30 प्रतिशत भाग पर बिल्डरों ने इमारत खड़ी कर दी, जोकि बाद में करनी थी। आरोप यह भी है कि खेल सुविधाओं के लिए आरक्षित जमीन को भी घेरा गया और मानक की धज्जियां उड़ाई गई।
विज्ञापन

इसी कड़ी में पीएसी ने एक-एक परियोजना का सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा था, जिसमें यह बताना था कि अभी कितनी जमीन पर निर्माण हुआ है और कितनी जमीन बची हुई है। इनमें से कुछ परियोजनाएं नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में भी गई हुई हैं। पूरी परियोजना में जमीन के आवंटन शुल्क पर भी सवाल खड़े हुए हैं कि इस परियोजना को स्पेशल बताकर कम रेट पर बिल्डरों को जमीन दी गई। सबसे बड़ा आरोप यह है कि जिन मुख्य बिल्डरों को जमीन दी गई, उन्होंने इस प्लॉट के टुकड़े करते हुए कई बिल्डरों को बेच दिया। यहां से यह परियोजना नाकामी का शिकार हो गई। किसी भी बिल्डर ने खेल सुविधाओं का विकास नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन





नक्शा भी गलत हुआ पास

सूत्रों के मुताबिक, स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के कुछ हिस्से का गलत नक्शा पास किया गया है। इस वजह से परियोजना की मूल भावना आहत हुई। जब अलग-अलग बिल्डरों को टुकड़ों में जमीन दी गई तो उन्होंने इमारत बनाने के लिए नक्शा पास कराया। यहां भी उन्होंने खेल सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा। ऐसे में परियोजना का काम नियम के तहत नहीं हो पाया।


जमीन भी हुई कम

कहीं-कहीं खेल सुविधाओं के लिए 70 प्रतिशत आरक्षित जमीन के बदले 63 और 65 प्रतिशत ही जमीन बची हुई है। ऐसे में यह नियमों का साफ उल्लंघन है। ऐसे में कमेटी को इन सभी मामलों में जांच कर दोषियों को सामने लाना था, लेकिन दोषी अभी भी पकड़ से बाहर हैं।


जब तक ओसी नहीं, तब तक रजिस्ट्री नहीं
प्राधिकरण की ओर से इस मामले में जब तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) नहीं दिया जाता है तब तक फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हो पाएगी। ओसी तब तक नहीं मिलेगी, जब तक स्पोर्ट्स सिटी का मसला हल नहीं हो जाता है। नियमों को ताक पर रखकर किए गए अवैध निर्माण की वजह से रजिस्ट्री संभव नहीं है। वहीं बिल्डरों को काफी पैसे भी चुकाने हैं। ऐसे में शासन की ओर से कोई फैसला होता है, तभी रजिस्ट्री संभव है।



सीएजी की 24 आपत्तियों में 8 हजार करोड़ के गड़बड़झाले का आरोप
सीएजी ने स्पोर्ट्स सिटी के 78-79, 150, 152 आदि परियोजनाओं में 24 आपत्तियां लगाई हैं। इन आपत्तियों में करीब आठ हजार करोड़ के गड़बड़झाले का आरोप है। सीएजी ने सस्ते रेट में जमीन आवंटन समेत कई बिंदुओं पर आपत्तियां लगाई हैं। फिलहाल पीएसी की सुनवाई और कमेटी की जांच के बाद सब कुछ निकलकर सामने आ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed