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राजधानी में ईद उल फितर हर्षोल्लास के साथ मनाई, बच्चों, युवकों और बुजुर्गों ने एक दूसरे को बधाई दी
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:51 PM IST
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राजधानी में हर्षोल्लास के साथ मनाई ईद
राजधानी में भी सोमवार को ईद उल फितर हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान लाखों की संख्या में लोगों ने मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अता की। मस्जिदों के आसपास और मुस्लिम बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के भारी इंतजाम किए गए थे। नमाज के बाद बच्चों, युवकों और बुजुर्गों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। इस दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। वह ईदी मिलने से काफी खुश थे।
इस अवसर पर जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने देश में शांति व अमन चैन बने रहने की कामना की। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से आग्रह किया कि वे पैगंबर हजरत मोहम्मद की धार्मिक हिदायतों का अनुसरण करें। जामा मस्जिद एवं फतेहपुरी मस्जिद में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अता की। दोनों मस्जिदों में नमाज के समय से काफी पहले ही नमाजी आने शुरू हो गए थे। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने मस्जिद के बाहर सड़क पर भी नमाज पढ़ी।
जामा मस्जिद में ईद की नमाज खत्म होते ही मुगलकाल से चलती आ रही परंपरा साकार की गई। गोले छूटे और गरज के साथ पंछियों ने उड़ाने भरी। लोगों ने जामा मस्जिद का चक्कर लगाया और उसकी छांव में एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी। अन्य मजहब के लोगों ने भी मुस्लिम धर्म के लोगों को ईद की बधाई दी।
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कुछ लोगों ने बांधी काली पट्टी
जामा मस्जिद में कुछ लोगों ने बाजू पर काली पट्टी बांध कर नमाज अता की। उनका विरोध देश के कुछ हिस्सों में मुसलमानों पर हो रही ज्यादतियों को लेकर था।
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राजधानी में भी सोमवार को ईद उल फितर हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान लाखों की संख्या में लोगों ने मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अता की। मस्जिदों के आसपास और मुस्लिम बहुल इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के भारी इंतजाम किए गए थे। नमाज के बाद बच्चों, युवकों और बुजुर्गों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। इस दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। वह ईदी मिलने से काफी खुश थे।
इस अवसर पर जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी ने देश में शांति व अमन चैन बने रहने की कामना की। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से आग्रह किया कि वे पैगंबर हजरत मोहम्मद की धार्मिक हिदायतों का अनुसरण करें। जामा मस्जिद एवं फतेहपुरी मस्जिद में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अता की। दोनों मस्जिदों में नमाज के समय से काफी पहले ही नमाजी आने शुरू हो गए थे। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने मस्जिद के बाहर सड़क पर भी नमाज पढ़ी।
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जामा मस्जिद में ईद की नमाज खत्म होते ही मुगलकाल से चलती आ रही परंपरा साकार की गई। गोले छूटे और गरज के साथ पंछियों ने उड़ाने भरी। लोगों ने जामा मस्जिद का चक्कर लगाया और उसकी छांव में एक दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद दी। अन्य मजहब के लोगों ने भी मुस्लिम धर्म के लोगों को ईद की बधाई दी।
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कुछ लोगों ने बांधी काली पट्टी
जामा मस्जिद में कुछ लोगों ने बाजू पर काली पट्टी बांध कर नमाज अता की। उनका विरोध देश के कुछ हिस्सों में मुसलमानों पर हो रही ज्यादतियों को लेकर था।