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मेडिकल कॉलेज भ्रष्टाचार का मामला सीएम विंडो पहुंचा
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:35 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में गार्डों की भर्ती का मामला सीएम विंडो पहुंचा
नूंह। सुर्खियों में रहने वाले शहीद हसन खां मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नलहड़ में सुरक्षा गार्डों की भर्ती में धांधली के आरोप लग रहे हैं। इस मामले की जांच को लेकर सीएम विंडो में शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ता समाजसेवी शौकीन ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में एक साल से अपनी सेवाएं दे रहे सैकड़ों सुरक्षा गार्डों को बिना नोटिस हटा दिया गया। जबकि नए सुरक्षा कर्मी बिना विज्ञापन के भर्ती कर दिए। इस मिलीभगत में कॉलेज प्रशासन सहित कंपनी के ठेकेदार शामिल हैं। जिन्होंने नए सुरक्षाकर्मियों से रुपये लेकर नियुक्त किया। शिकायत में कहा कि यह धंधा मेडिकल कॉलेज में अब से पहले भी देखने को मिला, लेकिन इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही मेडिकल कॉलेज का मामला विधानसभा तक उठ चुका है, लेकिन निदेशक को बदलने के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और न ही जांच शुरू किया गया। खास बात यह है कि कॉलेज प्रशासन यह कहकर पीछा छुड़ा रहा है कि उन्होंने टेंडर दे दिया है, ठेकेदार किसी को भी रखे। लोगों का आरोप है कि सरकार को इस मामले पर ध्यान देते हुए जांच करे तो इसमें कर्मचारी से लेकर अधिकारी व ठेकेदार तक आंच आ सकती है। ब्यूरो
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नूंह। सुर्खियों में रहने वाले शहीद हसन खां मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नलहड़ में सुरक्षा गार्डों की भर्ती में धांधली के आरोप लग रहे हैं। इस मामले की जांच को लेकर सीएम विंडो में शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ता समाजसेवी शौकीन ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में एक साल से अपनी सेवाएं दे रहे सैकड़ों सुरक्षा गार्डों को बिना नोटिस हटा दिया गया। जबकि नए सुरक्षा कर्मी बिना विज्ञापन के भर्ती कर दिए। इस मिलीभगत में कॉलेज प्रशासन सहित कंपनी के ठेकेदार शामिल हैं। जिन्होंने नए सुरक्षाकर्मियों से रुपये लेकर नियुक्त किया। शिकायत में कहा कि यह धंधा मेडिकल कॉलेज में अब से पहले भी देखने को मिला, लेकिन इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही मेडिकल कॉलेज का मामला विधानसभा तक उठ चुका है, लेकिन निदेशक को बदलने के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और न ही जांच शुरू किया गया। खास बात यह है कि कॉलेज प्रशासन यह कहकर पीछा छुड़ा रहा है कि उन्होंने टेंडर दे दिया है, ठेकेदार किसी को भी रखे। लोगों का आरोप है कि सरकार को इस मामले पर ध्यान देते हुए जांच करे तो इसमें कर्मचारी से लेकर अधिकारी व ठेकेदार तक आंच आ सकती है। ब्यूरो