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सीएम कार्यालय से निगमायुक्त को कारण बताओ नोटिस
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:29 PM IST
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सीएम कार्यालय से निगमायुक्त को कारण बताओ नोटिस
गुरुग्राम। सोशल मीडिया के जरिये नगर निगम को शिकायतें मिलने पर कार्रवाई नहीं होने से मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त से खफा है। समय पर शिकायतों का निपटारा नहीं होने और निगम अधिकारियों द्वारा गंभीरता से नहीं लेने पर निगम आयुक्त यशपाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निगम आयुक्त को 15 दिन के अंदर जवाब देना होगा। वहीं, निगम आयुक्त का कहना है कि वह अपना काम समय पर और ईमानदारी से कर रहे हैं, जो शिकायतें निगम दायरे के बाहर होती हैं, उससे संबंधित महकमे या उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया जाता है।
हरियाणा सरकार ने सोशल मीडिया के जरिये शिकायत देने की व्यवस्था की है। इसके साथ गुरुग्राम नगर निगम का अपना ट्विटर हैंडल भी है। इस पर लोग शिकायत के साथ टैग करते हैं, लेकिन कई बार शिकायतों के बावजूद कुछ समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। कई समस्याओं का हल हो जाता है। सूत्रों के अनुसार, सीएमओ से जारी नोटिस में कहा गया है कि नगर निगम गुरुग्राम का प्रदर्शन प्रदेश के अन्य निगमों से कमजोर रहा है। समय से निर्णय नहीं लेने और सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रेकर (एसएमजीटी) पर लगातार देरी पर नोटिस जारी किया गया है।
बता दें कि हाल ही में हुई वीडियो कांफ्रेंस में निगम अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। उन निर्देशों की भी पालना नहीं की गई, जिसमें कहा था कि वीडियो कांफ्रेंस में निगमायुक्त अनुपस्थित नहीं रह सकते और मुख्यमंत्री के तत्कालीन प्रधान सचिव राकेश गुप्ता ने नाराजगी जाहिर करते जवाब तलब किया था।
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इन कारणों से मिला नोटिस
नगर निगम के सोशल मीडिया ग्रुप में आई शिकायतों के निस्तारण में देरी, सार्वजनिक शौचालयों की आई शिकायतों का निपटारा समय पर नहीं करने, अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं करने, शहर के पार्कों की सफाई समय पर नहीं होने पर, सड़कों व बाजरों में अतिक्रमण की शिकायतों को निपटारा नहीं करने आदि।
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गुरुग्राम। सोशल मीडिया के जरिये नगर निगम को शिकायतें मिलने पर कार्रवाई नहीं होने से मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) गुरुग्राम नगर निगम आयुक्त से खफा है। समय पर शिकायतों का निपटारा नहीं होने और निगम अधिकारियों द्वारा गंभीरता से नहीं लेने पर निगम आयुक्त यशपाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निगम आयुक्त को 15 दिन के अंदर जवाब देना होगा। वहीं, निगम आयुक्त का कहना है कि वह अपना काम समय पर और ईमानदारी से कर रहे हैं, जो शिकायतें निगम दायरे के बाहर होती हैं, उससे संबंधित महकमे या उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया जाता है।
हरियाणा सरकार ने सोशल मीडिया के जरिये शिकायत देने की व्यवस्था की है। इसके साथ गुरुग्राम नगर निगम का अपना ट्विटर हैंडल भी है। इस पर लोग शिकायत के साथ टैग करते हैं, लेकिन कई बार शिकायतों के बावजूद कुछ समस्याएं जस की तस रह जाती हैं। कई समस्याओं का हल हो जाता है। सूत्रों के अनुसार, सीएमओ से जारी नोटिस में कहा गया है कि नगर निगम गुरुग्राम का प्रदर्शन प्रदेश के अन्य निगमों से कमजोर रहा है। समय से निर्णय नहीं लेने और सोशल मीडिया ग्रीवेंस ट्रेकर (एसएमजीटी) पर लगातार देरी पर नोटिस जारी किया गया है।
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बता दें कि हाल ही में हुई वीडियो कांफ्रेंस में निगम अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। उन निर्देशों की भी पालना नहीं की गई, जिसमें कहा था कि वीडियो कांफ्रेंस में निगमायुक्त अनुपस्थित नहीं रह सकते और मुख्यमंत्री के तत्कालीन प्रधान सचिव राकेश गुप्ता ने नाराजगी जाहिर करते जवाब तलब किया था।
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इन कारणों से मिला नोटिस
नगर निगम के सोशल मीडिया ग्रुप में आई शिकायतों के निस्तारण में देरी, सार्वजनिक शौचालयों की आई शिकायतों का निपटारा समय पर नहीं करने, अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं करने, शहर के पार्कों की सफाई समय पर नहीं होने पर, सड़कों व बाजरों में अतिक्रमण की शिकायतों को निपटारा नहीं करने आदि।