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ई-चालान काटने में फिसड्डी पुलिसकर्मियों की सूची तैयार
Updated Tue, 16 Oct 2018 06:44 AM IST
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ई-चालान काटने में फिसड्डी
पुलिसकर्मियों की सूची तैयार
100 से कम चालान काटने वालों से होगा जवाब तलब
- कई पुलिसकर्मी छह महीने में नहीं काट सके हैं एक भी ई-चालान
योगेश शर्मा
नोएडा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से निपटने में ई-चालान का फार्मूला जिले में सफल तो साबित हुआ है, लेकिन 30 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस हाईटेक व्यवस्था के साथ तालमेल नहीं बिठा पाए हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार हो चुकी है, जो मोबाइल ऐप से चालान काटने में फिसड्डी हैं। इनसे जवाब तलब किया गया है।
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 1 जनवरी से 30 सितंबर 2018 यानी 9 महीने में 3.71 लाख से ज्यादा चालान मोबाइल ऐप व सीसीटीवी कैमरों के जरिये काटे जा चुके हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से ट्रैफिक पुलिस ने करीब 1.77 करोड़ रुपये शमन शुल्क वसूला है। ऐसे भी पुलिसकर्मी हैं जिन्होंने पिछले छह महीने में मोबाइल ऐप से चालान काटने में तत्परता नहीं दिखाई। इनकी पहचान हो चुकी है। सूची में 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन्होंने छह महीने में 100 से कम चालान काटे हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं, जो एक भी चालान नहीं काट पाए। मंगलवार को इन्हें बुलाकर जवाब मांगा जाएगा।
- 3.71 लाख से ज्यादा चालान मोबाइल ऐप व कैमरों से काटे गए नौ माह में
- 1.77 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूला जा चुका है शमन शुल्क
प्रदेश में अव्वल है गौतमबुद्घ नगर
ई-चालान काटने में गौतमबुद्घ नगर ट्रैफिक पुलिस प्रदेश में अव्वल स्थान हासिल कर चुकी है। इसके साथ ही ई-चालान को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पिछले दिनों भारत सरकार के नेशनल इन्फॉरमेशन सेंटर (एनआईसी) से उसे सम्मान भी मिल चुका है।
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पहले भी दो-तीन बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद भी कई पुलिसकर्मी मोबाइल ऐप से चालान काटने में तत्पर नहीं हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों को आज तलब किया गया है। प्रशिक्षण की जरूरत होगी तो एक बार फिर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
- अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक
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पुलिसकर्मियों की सूची तैयार
100 से कम चालान काटने वालों से होगा जवाब तलब
- कई पुलिसकर्मी छह महीने में नहीं काट सके हैं एक भी ई-चालान
योगेश शर्मा
नोएडा। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से निपटने में ई-चालान का फार्मूला जिले में सफल तो साबित हुआ है, लेकिन 30 फीसदी से ज्यादा ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस हाईटेक व्यवस्था के साथ तालमेल नहीं बिठा पाए हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार हो चुकी है, जो मोबाइल ऐप से चालान काटने में फिसड्डी हैं। इनसे जवाब तलब किया गया है।
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 1 जनवरी से 30 सितंबर 2018 यानी 9 महीने में 3.71 लाख से ज्यादा चालान मोबाइल ऐप व सीसीटीवी कैमरों के जरिये काटे जा चुके हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों से ट्रैफिक पुलिस ने करीब 1.77 करोड़ रुपये शमन शुल्क वसूला है। ऐसे भी पुलिसकर्मी हैं जिन्होंने पिछले छह महीने में मोबाइल ऐप से चालान काटने में तत्परता नहीं दिखाई। इनकी पहचान हो चुकी है। सूची में 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन्होंने छह महीने में 100 से कम चालान काटे हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं, जो एक भी चालान नहीं काट पाए। मंगलवार को इन्हें बुलाकर जवाब मांगा जाएगा।
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- 3.71 लाख से ज्यादा चालान मोबाइल ऐप व कैमरों से काटे गए नौ माह में
- 1.77 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूला जा चुका है शमन शुल्क
प्रदेश में अव्वल है गौतमबुद्घ नगर
ई-चालान काटने में गौतमबुद्घ नगर ट्रैफिक पुलिस प्रदेश में अव्वल स्थान हासिल कर चुकी है। इसके साथ ही ई-चालान को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पिछले दिनों भारत सरकार के नेशनल इन्फॉरमेशन सेंटर (एनआईसी) से उसे सम्मान भी मिल चुका है।
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पहले भी दो-तीन बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके बाद भी कई पुलिसकर्मी मोबाइल ऐप से चालान काटने में तत्पर नहीं हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों को आज तलब किया गया है। प्रशिक्षण की जरूरत होगी तो एक बार फिर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।
- अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक