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महाराष्ट्र: किसान आंदोलन को शरद पवार का समर्थन
Updated Mon, 04 Jun 2018 06:55 PM IST
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महाराष्ट्र में किसान आंदोलन
को शरद पवार का समर्थन
- नागपुर में किसानों ने सड़क पर उड़ेला दूध और फेंकी सब्जियां, शिर्डी में किसानों का चक्का जाम
अमर उजाला ब्यूरो
मुंबई। महाराष्ट्र में किसान आंदोलन के चौथे दिन भी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा। हालांकि सब्जी मंडियों में आवक बढ़ने लगी है। राज्य के नवी मुंबई, नासिक और पुणे स्थित प्रमुख कृषि उत्पन्न बाजार समितियों में सब्जियों की पर्याप्त आवक से भाव में भी कमी आई है। इस बीच एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और किसानों को अधिक आक्रामक होने की सलाह दी है।
राष्ट्रीय किसान सभा के आंदोलन को महाराष्ट्र में ज्यादा प्रतिसाद नहीं मिल रहा है, लेकिन, कुछ जगहों पर आंदोलन हो रहे हैं। नागपुर में जय जवान जय किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने दूध सड़क पर उड़ेल दिया और सब्जियां फेंक दी। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद भी हुआ जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दूध उड़ेलने और सब्जियां फेंकने वाले अधिकांश कार्यकर्ता भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद नाना पाटोले के समर्थक थे। इसी तरह अहमदनगर के किसानों ने शिर्डी से हैदराबाद जाने वाले हाईवे को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन स्वाभिमानी शेतकरी (किसान) संगठन और एनसीपी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों की ओर से किया गया। वहीं, खबर है कि किसान आंदोलन के बीच नवी मुंबई, पुणे और नासिक के कृषि उत्पन्न बाजार समितियों में चौथे दिन सब्जियों और फलों के ट्रकों की आवक संख्या में बढ़ोत्तरी हुई जिससे दो जून को करीब 20 से 30 फीसदी महंगी हुई सब्जियों के भाव फिर कम हुए हैं।
दूसरी ओर, किसान आंदोलन के मुद्दे पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी सोमवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि आश्वासन पूरा नहीं किया गया। सरकार की नियति में खोट है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे संघर्ष तेज करें लेकिन, दूध, फल व सब्जियां सड़क पर फेंकने के बजाए गरीबों में वितरित करें जिससे उन्हें लोगों की सहानुभूति मिलेगी। महाराष्ट्र में किसान आंदोलन उतना असरदार नहीं है जितना गतवर्ष था। महाराष्ट्र के किसान नेता व सांसद राजू शेट्टी समेत किसान नेता रघुनाथ दादा पाटिल आदि इस आंदोलन में शामिल नहीं हैं। हालांकि किसान संघर्ष समिति के नेता डॉ. अजीत नवले ने कहा है कि यदि आगामी 7 जून तक सरकार ने कोई प्रतिसाद नहीं दिया तो किसान शहरों में दूध व सब्जी की आपूर्ति बंद कर देंगे और 10 जून को चक्काजाम करेंगे।
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को शरद पवार का समर्थन
- नागपुर में किसानों ने सड़क पर उड़ेला दूध और फेंकी सब्जियां, शिर्डी में किसानों का चक्का जाम
अमर उजाला ब्यूरो
मुंबई। महाराष्ट्र में किसान आंदोलन के चौथे दिन भी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा। हालांकि सब्जी मंडियों में आवक बढ़ने लगी है। राज्य के नवी मुंबई, नासिक और पुणे स्थित प्रमुख कृषि उत्पन्न बाजार समितियों में सब्जियों की पर्याप्त आवक से भाव में भी कमी आई है। इस बीच एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और किसानों को अधिक आक्रामक होने की सलाह दी है।
राष्ट्रीय किसान सभा के आंदोलन को महाराष्ट्र में ज्यादा प्रतिसाद नहीं मिल रहा है, लेकिन, कुछ जगहों पर आंदोलन हो रहे हैं। नागपुर में जय जवान जय किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने दूध सड़क पर उड़ेल दिया और सब्जियां फेंक दी। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद भी हुआ जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। दूध उड़ेलने और सब्जियां फेंकने वाले अधिकांश कार्यकर्ता भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद नाना पाटोले के समर्थक थे। इसी तरह अहमदनगर के किसानों ने शिर्डी से हैदराबाद जाने वाले हाईवे को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन स्वाभिमानी शेतकरी (किसान) संगठन और एनसीपी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों की ओर से किया गया। वहीं, खबर है कि किसान आंदोलन के बीच नवी मुंबई, पुणे और नासिक के कृषि उत्पन्न बाजार समितियों में चौथे दिन सब्जियों और फलों के ट्रकों की आवक संख्या में बढ़ोत्तरी हुई जिससे दो जून को करीब 20 से 30 फीसदी महंगी हुई सब्जियों के भाव फिर कम हुए हैं।
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दूसरी ओर, किसान आंदोलन के मुद्दे पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी सोमवार को मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि आश्वासन पूरा नहीं किया गया। सरकार की नियति में खोट है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे संघर्ष तेज करें लेकिन, दूध, फल व सब्जियां सड़क पर फेंकने के बजाए गरीबों में वितरित करें जिससे उन्हें लोगों की सहानुभूति मिलेगी। महाराष्ट्र में किसान आंदोलन उतना असरदार नहीं है जितना गतवर्ष था। महाराष्ट्र के किसान नेता व सांसद राजू शेट्टी समेत किसान नेता रघुनाथ दादा पाटिल आदि इस आंदोलन में शामिल नहीं हैं। हालांकि किसान संघर्ष समिति के नेता डॉ. अजीत नवले ने कहा है कि यदि आगामी 7 जून तक सरकार ने कोई प्रतिसाद नहीं दिया तो किसान शहरों में दूध व सब्जी की आपूर्ति बंद कर देंगे और 10 जून को चक्काजाम करेंगे।
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