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Noida News: एनसीआर का दूसरा प्रदूषित शहर रहा नोएडा
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सेक्टर-62 और 116 सबसे ज्यादा प्रदूषित, दो दिन से नोएडा में वायु प्रदूषण रेड जोन में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से लोग बीमार हो रहे हैं। पिछले दो दिन से नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रेड जोन में दर्ज किया जा रहा है। सोमवार को 312 एक्यूआई के साथ नोएडा एनसीआर का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। इसमें सबसे अधिक प्रदूषित सेक्टर-116 और सेक्टर 62 की हवा रही। यहां पर पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 और पीएम 10 की मात्रा बहुत अधिक रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक एक्यूआई रेड जोन में पहुंचने से सेक्टर-62 क्षेत्र में पीएम 2.5 का औसत 330 और पीएम 10 का औसत 241 पाया गया। वहीं, सेक्टर-116 में पीएम 2.5 का औसत 328 और पीएम 10 का औसत 224 दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदूषक गैसों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड के स्तर में भी बढ़ोतरी हुई। ऐसे में हवा में सांस लेना लोगों की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।
पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 माइक्रोस्कोपिक डस्ट पार्टिकल होते हैं। यह इतने सूक्ष्म है कि देखने के लिए माइक्रोस्कोप यानी सूक्ष्मदर्शी की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, इनके लिए हमारी शरीर में घुसना और नुकसान पहुंचाना बहुत आसान होता है। ये शरीर में घुसकर सबसे ज्यादा नुकसान फेफड़ों को पहुंचाते हैं। इनसे फेफड़े कमजोर होते जाते हैं और सांस से जुड़ी कई समस्या हो सकती हैं। इसके अलावा अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, दिल की बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं।
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जिले के सेक्टरों का एक्यूआई
सेक्टर-125 नोएडा - 298
सेक्टर-62 नोएडा - 330
सेक्टर-1 नोएडा - 305
सेक्टर-116 नोएडा - 328
नॉलेज पार्क 3 ग्रेटर नोएडा - 296
नॉलेज पार्क 5 ग्रेटर नोएडा - 315
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एनसीआर के शहरों का एक्यूआई
गाजियाबाद 340
नोएडा 312
दिल्ली 309
ग्रेटर नोएडा 300
गुड़गांव 235
फरीदाबाद 198
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से लोग बीमार हो रहे हैं। पिछले दो दिन से नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रेड जोन में दर्ज किया जा रहा है। सोमवार को 312 एक्यूआई के साथ नोएडा एनसीआर का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। इसमें सबसे अधिक प्रदूषित सेक्टर-116 और सेक्टर 62 की हवा रही। यहां पर पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 और पीएम 10 की मात्रा बहुत अधिक रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक एक्यूआई रेड जोन में पहुंचने से सेक्टर-62 क्षेत्र में पीएम 2.5 का औसत 330 और पीएम 10 का औसत 241 पाया गया। वहीं, सेक्टर-116 में पीएम 2.5 का औसत 328 और पीएम 10 का औसत 224 दर्ज किया गया। इसके अलावा प्रदूषक गैसों में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, अमोनिया और सल्फर डाइऑक्साइड के स्तर में भी बढ़ोतरी हुई। ऐसे में हवा में सांस लेना लोगों की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।
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पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 माइक्रोस्कोपिक डस्ट पार्टिकल होते हैं। यह इतने सूक्ष्म है कि देखने के लिए माइक्रोस्कोप यानी सूक्ष्मदर्शी की जरूरत पड़ेगी। हालांकि, इनके लिए हमारी शरीर में घुसना और नुकसान पहुंचाना बहुत आसान होता है। ये शरीर में घुसकर सबसे ज्यादा नुकसान फेफड़ों को पहुंचाते हैं। इनसे फेफड़े कमजोर होते जाते हैं और सांस से जुड़ी कई समस्या हो सकती हैं। इसके अलावा अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, दिल की बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं।
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जिले के सेक्टरों का एक्यूआई
सेक्टर-125 नोएडा - 298
सेक्टर-62 नोएडा - 330
सेक्टर-1 नोएडा - 305
सेक्टर-116 नोएडा - 328
नॉलेज पार्क 3 ग्रेटर नोएडा - 296
नॉलेज पार्क 5 ग्रेटर नोएडा - 315
एनसीआर के शहरों का एक्यूआई
गाजियाबाद 340
नोएडा 312
दिल्ली 309
ग्रेटर नोएडा 300
गुड़गांव 235
फरीदाबाद 198