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रोक के बावजूद निर्माण जारी रहने पर 10 लाख का जुर्माना
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ग्रेटर नोएडा। वायु प्रदूषण की वजह से लागू रोक के बावजूद डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) के वेस्टर्न कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है। शनिवार को यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर कॉरिडोर का निर्माण कर रही एलएंडटी कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यूपीसीडा ने ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का पालन नहीं करने पर इसी कंपनी पर करीब 10 दिन पहले भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अहम है कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने भी करीब 20 दिन पहले कंपनी पर 18 लाख का जुर्माना प्रस्तावित कर इसकी फाइल शासन को भेज दी थी। वहीं शनिवार को यूपीसीडा ने औद्योगिक क्षेत्र की कुछ और कंपनियों पर ग्रेप के नियमों का पालन नहीं करने पर 5 लाख का जुर्माना लगाया है।
डीएफसीसी के वेस्टर्न कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है। शनिवार को सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ। वीडियो के आधार पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने जांच शुरू की है। कॉरिडोर के आसपास की सोसाइटी के निवासियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो शेयर कर लोगों ने पूछा है कि क्या निर्माण कार्य पर रोक का आदेश डीएफसीसी पर लागू नहीं होता। इस पर कार्रवाई की मांग की है। वीडियो में डीएफसीसी की साइट पर आरएमसी प्लांट चलता दिख रहा है। जहां एक डंपर खड़ा हुआ है। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव का कहना है कि वीडियो के आधार पर जांच चल रही है। नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एक कंपनी पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
यूपीपीसीबी की टीम ने शुक्रवार को 30 से अधिक साइटों का निरीक्षण किया। यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के साइट बी औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी के बाहर ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियमों का पालन नहीं मिला है। कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही एक अन्य कंपनी को नोटिस जारी किया गया है।
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एनसीआर में नोएडा दूसरा सबसे प्रदूषित शहर
ग्रेटर नोएडा और नोएडा के वायु प्रदूषण में शनिवार को सुधार हुआ है। हालांकि दोनों शहर रेड जोन में बने हुए हैं। शुक्रवार को नोएडा का एक्यूआई 356 दर्ज किया गया। जो शुक्रवार को 376 था। नोएडा देश का चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा। जबकि एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा दूसरे नंबर पर रहा। वहीं ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार को 382 था। जो शनिवार को सुधर कर 322 पर पहुंच गया। ग्रेनो देश के प्रदूषित शहरों की सूची में 21वें स्थान पर रहा।
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डीएफसीसी के वेस्टर्न कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है। शनिवार को सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ। वीडियो के आधार पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने जांच शुरू की है। कॉरिडोर के आसपास की सोसाइटी के निवासियों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो शेयर कर लोगों ने पूछा है कि क्या निर्माण कार्य पर रोक का आदेश डीएफसीसी पर लागू नहीं होता। इस पर कार्रवाई की मांग की है। वीडियो में डीएफसीसी की साइट पर आरएमसी प्लांट चलता दिख रहा है। जहां एक डंपर खड़ा हुआ है। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव का कहना है कि वीडियो के आधार पर जांच चल रही है। नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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एक कंपनी पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
यूपीपीसीबी की टीम ने शुक्रवार को 30 से अधिक साइटों का निरीक्षण किया। यूपी राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के साइट बी औद्योगिक क्षेत्र में एक कंपनी के बाहर ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियमों का पालन नहीं मिला है। कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही एक अन्य कंपनी को नोटिस जारी किया गया है।
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एनसीआर में नोएडा दूसरा सबसे प्रदूषित शहर
ग्रेटर नोएडा और नोएडा के वायु प्रदूषण में शनिवार को सुधार हुआ है। हालांकि दोनों शहर रेड जोन में बने हुए हैं। शुक्रवार को नोएडा का एक्यूआई 356 दर्ज किया गया। जो शुक्रवार को 376 था। नोएडा देश का चौथा सबसे प्रदूषित शहर रहा। जबकि एनसीआर में दिल्ली के बाद नोएडा दूसरे नंबर पर रहा। वहीं ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार को 382 था। जो शनिवार को सुधर कर 322 पर पहुंच गया। ग्रेनो देश के प्रदूषित शहरों की सूची में 21वें स्थान पर रहा।