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Noida News: एम्स में हर साल हो रहे 10 हार्ट ट्रांसप्लांट
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दावा : अंगदान की संख्या बढ़ने पर आंकड़ा और बढ़ने का अनुमान
30 : को अस्पताल में जुटेंगे प्रत्यारोपण करवाने वाले मरीज
06 : से सात प्रत्यारोपण का आंकड़ा था कुछ साल पहले
एम्स में इन मरीजों के लिए आयोजित होंगे खेल कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अंगदान में आई तेजी से बाद से एम्स में हार्ट ट्रांसप्लांट की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ सालों में हार्ट ट्रांसप्लांट की संख्या बढ़कर प्रति वर्ष 10 तक पहुंच गई है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अंगदान की संख्या बढ़ती है तो ट्रांसप्लांट का आंकड़ा बढ़ सकता है। हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद अधिकतर मरीज सामान्य जीवन बिता रहे हैं। कई मरीजों को 20 साल का समय हो गया है। एम्स ने ऐसे सभी मरीजों को 30 जुलाई को बुलाया है। इन मरीजों के लिए एम्स परिसर में खेल कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें ये मरीज इनडोर और आउटडोर खेल का हिस्सा बन सकेंगे।
इस बारे में एम्स दिल्ली में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. संदीप सेठ ने बताया कि अंगदान की संख्या बढ़ने से हार्ट ट्रांसप्लांट की संख्या बढ़कर हर साल 10 तक पहुंच गई है, जबकि छह-सात साल पहले यह आंकड़ा एक-दो तक था। उन्होंने कहा कि अब एम्स में हर साल कम से कम पांच हार्ट ट्रांसप्लांट हो रहे है, यदि स्थिति बेहतर रहती है तो यह संख्या बढ़कर 10 तक पहुंच जाती है।
अनुभव सांझा करने 30 मरीजों के आने की संभावना
हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद मरीज सामान्य जीवन बिता रहे हैं। एम्स में ऐसे कई मरीज पंजीकृत हैं जिनका ट्रांसप्लांट 20 साल पहले हुआ था। ऐसे मरीजों के अनुभव को साझा करने और उनके बारे में जानने के लिए दिल्ली-एनसीआर से ऐसे सभी मरीजों को बुलाया गया है जिनका एम्स में हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ है। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम में सभी मरीजों के लिए खेल कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है, जिसमें इनडोर और आउटडोर खेल आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में ऐसे 30 मरीज आ सकते है।
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बॉक्स
ट्रांसप्लांट के बाद रखनी होती है सावधानी
हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को विशेष सावधानी रखनी होगी है। इन्हें समय पर दवाई लेने के साथ इंफेक्शन से बचना होता है। यदि डॉक्टरों की सलाह को मानते हैं तो मरीज लंबे समय पर सामान्य जीवन बिता सकता है।
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30 : को अस्पताल में जुटेंगे प्रत्यारोपण करवाने वाले मरीज
06 : से सात प्रत्यारोपण का आंकड़ा था कुछ साल पहले
एम्स में इन मरीजों के लिए आयोजित होंगे खेल कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अंगदान में आई तेजी से बाद से एम्स में हार्ट ट्रांसप्लांट की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ सालों में हार्ट ट्रांसप्लांट की संख्या बढ़कर प्रति वर्ष 10 तक पहुंच गई है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अंगदान की संख्या बढ़ती है तो ट्रांसप्लांट का आंकड़ा बढ़ सकता है। हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद अधिकतर मरीज सामान्य जीवन बिता रहे हैं। कई मरीजों को 20 साल का समय हो गया है। एम्स ने ऐसे सभी मरीजों को 30 जुलाई को बुलाया है। इन मरीजों के लिए एम्स परिसर में खेल कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें ये मरीज इनडोर और आउटडोर खेल का हिस्सा बन सकेंगे।
इस बारे में एम्स दिल्ली में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. संदीप सेठ ने बताया कि अंगदान की संख्या बढ़ने से हार्ट ट्रांसप्लांट की संख्या बढ़कर हर साल 10 तक पहुंच गई है, जबकि छह-सात साल पहले यह आंकड़ा एक-दो तक था। उन्होंने कहा कि अब एम्स में हर साल कम से कम पांच हार्ट ट्रांसप्लांट हो रहे है, यदि स्थिति बेहतर रहती है तो यह संख्या बढ़कर 10 तक पहुंच जाती है।
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अनुभव सांझा करने 30 मरीजों के आने की संभावना
हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद मरीज सामान्य जीवन बिता रहे हैं। एम्स में ऐसे कई मरीज पंजीकृत हैं जिनका ट्रांसप्लांट 20 साल पहले हुआ था। ऐसे मरीजों के अनुभव को साझा करने और उनके बारे में जानने के लिए दिल्ली-एनसीआर से ऐसे सभी मरीजों को बुलाया गया है जिनका एम्स में हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ है। उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम में सभी मरीजों के लिए खेल कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है, जिसमें इनडोर और आउटडोर खेल आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में ऐसे 30 मरीज आ सकते है।
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ट्रांसप्लांट के बाद रखनी होती है सावधानी
हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को विशेष सावधानी रखनी होगी है। इन्हें समय पर दवाई लेने के साथ इंफेक्शन से बचना होता है। यदि डॉक्टरों की सलाह को मानते हैं तो मरीज लंबे समय पर सामान्य जीवन बिता सकता है।