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Noida Protest: यूपी पुलिस को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश-कानून अपना काम करेगा, मजदूरों से न हो दुर्व्यवहार
Wed, 20 May 2026 04:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 20 May 2026 04:01 AM IST
सार
शीर्ष अदालत ने यूपी पुलिस से यह भी कहा कि मजदूरों और श्रमिक कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने जांच में दखल देने से इन्कार करते हुए कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
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फ्लैग मार्च करती पुलिस, फाइल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पिछले महीने नोएडा में हुए मजदूर प्रदर्शन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तार दो आरोपियों आदित्य आनंद और रूपेश रॉय की न्यायिक हिरासत जारी रखने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने यूपी पुलिस से यह भी कहा कि मजदूरों और श्रमिक कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने अभी जांच में दखल देने से इन्कार करते हुए कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
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जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ आदित्य आनंद के भाई केशव आनंद की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप है कि पुलिस हिरासत में आदित्य और रूपेश रॉय को प्रताड़ित किया गया। 15 मई को सुप्रीम कोर्ट के दोनों आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश करने के आदेश पर उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उनसे सीधे बातचीत की और पूछा कि हिंसा कैसे हुई तथा जेल में उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं है।
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आरोपियों ने बताया कि जेल में फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट की गई। उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर ले जाया जाता था और आतंकियों की तरह व्यवहार किया जाता था। उन्हें सुनसान जगह पर गाड़ी से उतारकर पीटा गया। वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने अदालत से हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस फर्जी सबूत तैयार कर रही है।
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