कोरोना नियंत्रण के लिए नोएडा प्रशासन का बड़ा कदम, हर दिन होंगी 600 जांच
- आज से शुरू हो सकती है कवायद, जनपद में हो चुकीं 16 हजार से अधिक जांच
- सरकारी लैबों में 11500 सैंपलों की जांच, निजी लैबों में आंकड़ा 4500 के पार
विस्तार
गौतमबुद्ध नगर में कोरोना पर काबू पाना है तो जांच की दर बढ़ाना बहुत जरूरी है। इसी थ्योरी पर काम करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बड़ा कदम उठाया है। जिले में हर दिन 600 जांच कराई जाएंगी। यह योजना बृहस्पतिवार से अमल में लाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, जनपद में अभी तक करीब 16 हजार सैंपलों की जांच चुकी है। सरकारी लैबों में अभी तक लगभग 11500 सैंपल जांच की जा चुकी हैं। वहीं निजी लैबों से होने वाली जांचों का आंकड़ा 4500 को पार कर चुका है।
पूर्व में जहां प्रत्येक दिन औसत 100 सैंपलिंग होती थीं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने कुछ दिन पहले जांच को बढ़ाकर 250 से 300 के बीच करने का दावा किया था, लेकिन इतनी बढ़ी आबादी में अफसर इतनी जांच से संतुष्ट नहीं हैं।
सूत्रों ने बताया कि जांच बढ़ाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के बीच बैठक हुई है। उसमें तय हुआ है कि कोरोना को पकड़ने के लिए जांच का दायरा बढ़े और प्रतिदिन 600 तक लाया जाए। स्थानीय स्तर पर अधिकारिक तौर पर इस पर सहमति बन गई है।
निजी लैब की बढ़ेगी जिम्मेदारी
निजी लैब पॉजिटिव रिपोर्ट का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग को थमा देती हैं। निगेटिव रिपोर्ट नहीं देती। इस कारण कुल सैंपलिंग का सही आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिल पाता है। विभागीय अफसरों से लैबों पर भी नकेल कसी गई है। सूत्रों ने बताया कि जिले में जांच से जुड़ी करीब 17 निजी लैबों को नोटिस जारी किए गए हैं।
सरकारी लैबों से सहयोग मिले तो बात बने
स्वास्थ्य विभाग ने जांच बढ़ाने की कोशिश की है। स्वास्थ्य विभाग की खुद की कोई लैब नहीं है। ऐसे में कोरोना मामलों की जांच पर निर्भरता जिम्स, चाइल्ड पीजीआई, शारदा, एनआईबी पर ही है। पिछले दिनों से सरकारी लैबों द्वारा भी पूरी रिपोर्ट नहीं उपलब्ध कराने की बात सामने आई थी। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
कोरोना पर नियंत्रण के लिए सैंपलिंग की दर बढ़ाई जा रही है। इसे अधिक बढ़ाने पर भी विचार किया गया है। इससे जिले में कोरोना तेजी से पकड़ में आएगा।- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ