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12 हजार ऑटो, लेकिन स्टैंड कहां हैं जनाब...शहर की सड़कों को ही ऑटो चालकों ने बना डाला स्टैंड
Tue, 23 Apr 2019 05:00 PM IST
Trainee Trainee
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा।
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा।
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 23 Apr 2019 05:00 PM IST
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शहर की सड़कों पर 12 हजार ऑटो दौड़ रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण इनके लिए स्टैंड बनाना ही भूल गया। नतीजा ये हुआ, शहर की सड़कों को ही ऑटोवालों ने स्टैंड बना दिया है। हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। इसके बाद भी प्राधिकरण ने ऑटो स्टैंड के नाम पर कागजों में योजनाएं तो बनीं लेकिन जमीन पर नहीं उतरीं।
ऑटोवालों की मनमानी सबसे ज्यादा मॉडल टाउन तिराहे पर देखने को मिल रही है। एक तरफ नेशनल हाईवे चौड़ीकरण का काम और दूसरी तरफ बेलगाम ऑटो इस तिराहे पर जाम का सबब बने हुए हैं। सुबह और शाम पीक टाइम में तिराहा पार करने में आधे से पौना घंटा गंवाना पड़ रहा है।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, परिवहन विभाग परमिट जारी करता रहा। ऑटो की भीड़ बढ़ती गई, लेकिन इनके लिए स्टैंड आज तक नहीं बने। हैरानी की बात है कि पूरे शहर में ऑटो के महज दो स्टैंड है। इनमें एक सिटी सेंटर और दूसरा सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन के पास है। गाजियाबाद-नोएडा बॉर्डर (मॉडल टाउन) पर सबसे ज्यादा ऑटो यात्री आते हैं। शहर का सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन यहां बना दिया गया लेकिन ऑटो स्टैंड बनाने की जरूरत नहीं समझी गई।
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62 जगह बनने थे ऑटो स्टैंड
साल 2014 में नोएडा प्राधिकरण ने 62 ऑटो स्टैंड बनाने की योजना बनाई थी। स्टैंड बनने के बाद चौराहों पर ऑटो रोककर सवारियां उतारने-चढ़ाने पर पाबंदी लगाई जानी थी। एक साल में स्टैंड बनकर तैयार होने थे, लेकिन योजना सरकारी फाइलों में सिमटकर रह गई।
छह महीने में काटे 11 हजार चालान
ऑटोवालों ने पहले ही पूरे नोएडा की ट्रैफिक व्यवस्था को तार-तार करके रखा है। दिल्ली बॉर्डर लांघते ही एनएच-24 पर परेशानियों का सिलसिला शुरू हो जाता है और गाजियाबाद के लालकुआं कट तक समस्या बरकरार रहती हैं। नोएडा ट्रैफिक पुलिस पिछले छह माह में 10,908 ऑटो के चालान काट चुकी है जबकि करीब 500 ऑटो सीज किए जा चुके हैं।
ऑटोवालों की मनमानी सबसे ज्यादा मॉडल टाउन तिराहे पर देखने को मिल रही है। एक तरफ नेशनल हाईवे चौड़ीकरण का काम और दूसरी तरफ बेलगाम ऑटो इस तिराहे पर जाम का सबब बने हुए हैं। सुबह और शाम पीक टाइम में तिराहा पार करने में आधे से पौना घंटा गंवाना पड़ रहा है।
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ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, परिवहन विभाग परमिट जारी करता रहा। ऑटो की भीड़ बढ़ती गई, लेकिन इनके लिए स्टैंड आज तक नहीं बने। हैरानी की बात है कि पूरे शहर में ऑटो के महज दो स्टैंड है। इनमें एक सिटी सेंटर और दूसरा सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन के पास है। गाजियाबाद-नोएडा बॉर्डर (मॉडल टाउन) पर सबसे ज्यादा ऑटो यात्री आते हैं। शहर का सबसे बड़ा मेट्रो स्टेशन यहां बना दिया गया लेकिन ऑटो स्टैंड बनाने की जरूरत नहीं समझी गई।
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62 जगह बनने थे ऑटो स्टैंड
साल 2014 में नोएडा प्राधिकरण ने 62 ऑटो स्टैंड बनाने की योजना बनाई थी। स्टैंड बनने के बाद चौराहों पर ऑटो रोककर सवारियां उतारने-चढ़ाने पर पाबंदी लगाई जानी थी। एक साल में स्टैंड बनकर तैयार होने थे, लेकिन योजना सरकारी फाइलों में सिमटकर रह गई।
छह महीने में काटे 11 हजार चालान
ऑटोवालों ने पहले ही पूरे नोएडा की ट्रैफिक व्यवस्था को तार-तार करके रखा है। दिल्ली बॉर्डर लांघते ही एनएच-24 पर परेशानियों का सिलसिला शुरू हो जाता है और गाजियाबाद के लालकुआं कट तक समस्या बरकरार रहती हैं। नोएडा ट्रैफिक पुलिस पिछले छह माह में 10,908 ऑटो के चालान काट चुकी है जबकि करीब 500 ऑटो सीज किए जा चुके हैं।
ऑटो से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था की सबसे बड़ी वजह स्टैंड न होना है। हम कई बार प्राधिकरण से मांग कर चुके हैं। छह माह में करीब 11 हजार ऑटो के चालान काटे जा चुके हैं। लेकिन जब तक ऑटो स्टैंड नहीं बनेंगे तब तक समस्या बरकरार रहेगी। - अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक
किस माह कितने कटे चालान
माह चालान
अक्तूबर 474
नवंबर 675
दिसंबर 1499
जनवरी 1596
फरवरी 3250
मार्च 3414
एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के बाद बनेगा ऑटो स्टैंड
नोएडा प्राधिकरण के सीएपी एससी गौड़ का कहना है कि मॉडल टाउन गोलचक्कर के पास नोएडा से एनएच-24 को जोड़ा गया है। यहां हाइवे का चौड़ीकरण कर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। यहां पहले से ऑटो स्टैंड प्लान में था। लेकिन यह एक्सप्रेसवे की जद में आने से अब एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के बाद फिर से योजना बनेगी।
एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के बाद यह पता चल पाएगा कि किस प्वाइंट पर कितनी जमीन बची हुई है और कहां पर ऑटो स्टैंड बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर गोलचक्कर के पास जगह नहीं मिलती है, तो वहां से थोड़ा हटकर भी स्टैंड बनाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए विचार-विमर्श करने के बाद ही आखिरी तौर पर कुछ भी कहा जा सकता है।
एक्सप्रेसवे की नई लेन घेर लेते हैं ऑटो वाले
एक्सप्रेसवे की नई बनी लेन को ऑटो वाले घेर लेते हैं। यहां कोई स्टैंड नहीं होने की वजह से सड़क पर चारो ओर ऑटो वाले ही दिखते हैं। इस वजह से जाम की समस्या से दो चार होना पड़ता है।
किस माह कितने कटे चालान
माह चालान
अक्तूबर 474
नवंबर 675
दिसंबर 1499
जनवरी 1596
फरवरी 3250
मार्च 3414
एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के बाद बनेगा ऑटो स्टैंड
नोएडा प्राधिकरण के सीएपी एससी गौड़ का कहना है कि मॉडल टाउन गोलचक्कर के पास नोएडा से एनएच-24 को जोड़ा गया है। यहां हाइवे का चौड़ीकरण कर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। यहां पहले से ऑटो स्टैंड प्लान में था। लेकिन यह एक्सप्रेसवे की जद में आने से अब एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के बाद फिर से योजना बनेगी।
एक्सप्रेसवे का काम पूरा होने के बाद यह पता चल पाएगा कि किस प्वाइंट पर कितनी जमीन बची हुई है और कहां पर ऑटो स्टैंड बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर गोलचक्कर के पास जगह नहीं मिलती है, तो वहां से थोड़ा हटकर भी स्टैंड बनाया जा सकता है। लेकिन इसके लिए विचार-विमर्श करने के बाद ही आखिरी तौर पर कुछ भी कहा जा सकता है।
एक्सप्रेसवे की नई लेन घेर लेते हैं ऑटो वाले
एक्सप्रेसवे की नई बनी लेन को ऑटो वाले घेर लेते हैं। यहां कोई स्टैंड नहीं होने की वजह से सड़क पर चारो ओर ऑटो वाले ही दिखते हैं। इस वजह से जाम की समस्या से दो चार होना पड़ता है।