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नोएडाः बिना इलाज या भर्ती किए मरीज को लौटाया तो होगा अस्पतालों पर केस, इस हेल्पलाइन पर करें शिकायत
Wed, 10 Jun 2020 11:16 AM IST
पूजा त्रिपाठी
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 10 Jun 2020 11:16 AM IST
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दुनिया में कोरोना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : PTI
गर्भवती महिला की मौत के बाद जिला प्रशासन की नींद टूट गई है और सरकारी-गैरसरकारी अस्पतालों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। अब कोई भी अस्पताल बिना इलाज या भर्ती किए मरीज को लौटा नहीं पाएगा। यदि ऐसा किया तो मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होगी।
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वहीं, सरकारी-गैरसरकारी अस्पतालों में यदि कोई व्यक्ति परेशान होता है तो उनकी समस्या को सुनने के लिए डेडिकेटेड हेल्पलाइन नंबर 0120-2569901 जारी किया गया है जो 24 घंटे चलेगा।
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डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि घोर लापरवाही को देखते हुए ही हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। इसका मुख्यालय ग्रेटर नोएडा कलेक्ट्रेट में बनाया गया है और नोडल अधिकारी के रूप में डिप्टी कलेक्टर अभय कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है। आपात इस सेवा से चिकित्सा में आने वाली परेशानी को दूर कराया जा सकेगा।
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सेवा 24 घंटे जारी रखने के लिए तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई हैं। अब कोई भी अस्पताल किसी भी मरीज को बेड न होने का बहाना बनाकर यदि टरकाता है तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
यदि किसी सरकारी-गैरसरकारी अस्पताल द्वारा मरीज का इलाज करना संभव नहीं है या वह उपकरण नहीं हैं तो जिस अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है संबंधित अस्पताल उससे बात करेगा और जब पूरी तैयारी हो जाएंगी तो ही मरीज को अस्पताल से रेफर किया जाएगा। कोविड-19 की गाइड लाइन के तहत इलाज करने के लिए सभी अस्पतालों को जिम्स निदेशक से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।