{"_id":"5a4a59f04f1c1b001c8bbf8a","slug":"noida-amongst-most-polluted-cities-in-country-on-first-janaury","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए साल की पहली सुबह, देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा नोएडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए साल की पहली सुबह, देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:26 AM IST
सार
दिल्ली-एनसीआर में नए साल की पहली सुबह हवा रही खराब
- बाकी शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक स्तर पर
विज्ञापन
delhi pollution
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर में नए साल का आगाज खराब आबोहवा के बीच हुआ। दिल्ली समेत नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद व गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर काफी खराब रहा। नोएडा की आबोहवा देश में सबसे खराब दर्ज की गई। गाजियाबाद दूसरे नंबर पर था। देश के सबसे खराब आबोहवा वाले शहरों में छह दिल्ली-एनसीआर के ही थे।
विज्ञापन
विशेषज्ञों की मानें तो दो दिन से दिल्ली-एनसीआर का तापमान कम हुआ है। वहीं, हवा की रफ्तार भी धीमी हुई है। इस बीच वायुमंडल में नमी बढ़ गई है। तीनों के मिले-जुले प्रभाव से मिक्सिंग हाइड नीचे आई है और वायुमंडल में प्रदूषक जमा हो रहे हैं। सोमवार को नए साल के पहले दिन इसका असर भी देखा गया। दिलचस्प यह कि इसमें सबसे ज्यादा प्रभावी पीएम 10 व 2.5 ही रहे।
विज्ञापन
सीपीसीबी की तरफ से जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक में सबसे खराब आबोहवा नोएडा की दर्ज हुई। इससे एक प्वाइंट नीचे गाजियाबाद रहा। दिल्ली समेत फरीदाबाद व गुरुग्राम का वायु प्रदूषण भी बेहद खराब रहा। देश भर के सबसे खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक वाले शहरों में सिर्फ दो दिल्ली-एनसीआर के बाहर के थे। आगरा व उज्जैन की सूचकांक ही खतरनाक स्तर पर रहा।
विज्ञापन
यह रहे हालात
नोएडा 483
गाजियाबाद 482
फरीदाबाद 411
दिल्ली 400
गुरुग्राम 378
दो दिन तक हालात सुधरने की उम्मीद नहीं
सफर का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन तक वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार की ज्यादा उम्मीद नहीं है। सोमवार की अपेक्षा प्रदूषण में इजाफा होगा। दोनों दिन पीएम 10 व 2.5 खतरनाक स्तर पर रहेगा। बृहस्पतिवार को वायु की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर आएगी। इसके बाद अगर वायुमंडलीय दशाओं में उलटफेर नहीं हुआ तो हालात सुधरते जाएंगे।