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पाकिस्तान को गोपनीय जानकारी देने के आरोपी पूर्व सैनिक को जमानत नहीं

Sun, 06 Mar 2016 11:54 PM IST
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 06 Mar 2016 11:54 PM IST
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no bail to ex army man who gave info ti pakistan
- फोटो : file photo

हाईकोर्ट ने भारतीय सेना व सुरक्षा बलों की गुप्त जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने इस मामले में लिप्त सेना के पूर्व कांस्टेबल फरीद अहमद को जमानत प्रदान करने से इंकार कर दिया।

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आरोपी जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे 6 दिसंबर 2015 को गिरफ्तार किया था। न्यायमूर्ति पीएस तेजी ने अपने फैसले में आरोपी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसके एक अंकल जम्मू-कश्मीर पुलिस में कार्यरत्त है तो दो अन्य अंकल सेना से रिटायर है और उनका पूरा परिवार देश की सेवा में लिप्त रहा है।
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अदालत ने याची के उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि वह मुस्लिम समुदाय से है और केंद्र सरकार द्वारा समर्थित जम्मू-कश्मीर सरकार के अधिकारियों के इशारे पर स्पैशल सैल उसे प्रताड़ित कर रही है।
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अदालत ने याची के उस तर्क को भी मानने से इंकार कर दिया कि वह मात्र कांस्टेबल है और उसकी डयूटी अपने वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा व रक्षा करना थी।

वह ऐसी स्थिति में नहीं था कि गोपनीय सूचनाएं एकत्रित कर सकता। ऐसे में वह जमानत का हकदार है क्योंकि उसके कब्जे से कुछ भी बरामद नहीं हुआ।

पैसे के ‌बदले देता था गोपनीय सूचनाएं

no bail to ex army man who gave info ti pakistan

अदालत ने कहा कि आरोपी पर काफी गंभीर प्रकृति के आरोप है और यह मामला राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा है। आरोपी को मुख्य आरोपी कैफेतुल्ला खान के बयान पर गिरफ्तार किया गया था।

वह अपने सहयोगियों कैफेतुल्ला खान, अब्दुल राशिद, मुनावर व साबिर के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को सेना, बार्डर पर तैनात सुरक्षा बलों इत्यादि की सूचनाएं पैसे के बदले देता था।

अदालत ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि यदि उसे जमानत प्रदान की गई तो वह स्वतंत्रता का दुरूपयोग कर साक्ष्यों को नष्ट कर सकता है। इसके अलावा जांच अभी आरंभिक स्थिति में है। ऐसे में उसे जमानत देने का कोई आधार नहीं है।

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