नीतीश कटारा हत्याकांड: 25 साल की कैद
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दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को नीतीश कटारा हत्याकांड के तीनों दोषियों की
कोर्ट ने दोषी विकास यादव और विशाल यादव को 25 साल की कैद व 50-50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि दोषी सुखदेव पहलवान को 20 साल कैद की सजा सुनाई।
हाईकोर्ट ने मामले पर सजा सुनाते हुए कहा कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस के तहत नहीं आता, इसलिए इन्हें फांसी की सजा नहीं दी जा सकती। हालांकि हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इनकी सजा के दौरान इन्हें किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।
गौतरलब है कि दोषी विकास यादव, उसके चचेरे भाई विशाल यादव और सुखदेव पहलवान को पहले भी निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा ने निलती अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दोषियों को फांसी की सजा सुनाने की मांग की थी।
क्यों हुई थी कटारा की हत्या
16 फरवरी, 2002 की रात गाजियाबाद में एक शादी समारोह से नीतीश कटारा का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। मामला प्रेम प्रसंग था।
मामले का मुख्य आरोपी विकास यादव उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता डीपी यादव का बेटा है। उसे शक था कि नीतीश कटारा का उसकी बहन भारती यादव से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इसलिए उसने योजना बनाकर अपने चचेरे भाई विशाल यादव तथा साथी सुखदेव पहलवान के साथ मिलकर नितीश कटारा को मौत के घाट उतार दिया।
मामले को पिछले साल हाइकोर्ट ने ऑनर किलिंग का मामला बताते हुए निचली अदालत के फैसले को सुरक्षित रखा था। लेकिन नीतीश कटारा की मां नीलम कटारा ने इसे रेअरेस्ट ऑफ द रेअर क्राइम बताते हुए दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी, जिस पर शुक्रवार दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।