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निर्भया के कसूरवार 'कसूरी वार्ड' में शिफ्ट, मां बोली- फांसी के फंदे पर लटकते देखना चाहती हूं

Fri, 10 Jan 2020 03:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 10 Jan 2020 03:15 AM IST
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Nirbhaya mother said I want to see the culprits hanging on the noose
nirbhaya case - फोटो : अमर उजाला

देश को बस अब उस घड़ी का इंतजार है, जब मेरी बेटी के दरिंदे सूली पर लटकेंगे। ये चाहे कुछ भी कर लें, लेकिन अब इनका आखिरी वक्त आ गया है। निर्भया की मां आशा देवी ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। 

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निर्भया की मां ने कहा कि उनकी इच्छा है कि वह अपनी आंखों से चारों दोषियों का दम निकलते हुए देखें। इसके लिए वह कोर्ट और जेल प्रशासन से लिखित में गुहार भी लगाएंगी। आशा देवी का कहना है कि वह अपने वकील से मिलकर जल्द ही इसके लिए लिखित में दरख्वास्त देंगी।
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आशा देवी ने बताया कि बेटी को इंसाफ दिलवाने के लिए वह बीते सात साल से संघर्ष कर रही हूं। बेटी की मौत से पहले वह साधारण गृहणी थीं। बेटी के साथ हुई दरिंदगी और उसकी दर्दनाक मौत ने उन्हें कोर्ट- कचहरी सब दिखा दिया। पिछले सात साल में ऐसा कोई भी दिन नहीं होगा जब वह चैन की नींद सोई होंगी। 
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उन्होंने कहा कि मेरी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक बेटी के गुनहगार फांसी पर नहीं लटक जाते। चारों दरिंदों को फांसी लगने के बाद यह न्याय सबके लिए नजीर होगा। इसके बाद निश्चित ही अपराधी बेटियों के साथ दरिंदगी करने से पहले एक बार जरूर सोचेंगे। 

आशा देवी ने बताया कि पूरे देश ने उनका साथ दिया, इसके लिए वह देश के हर नागरिक का शुक्रिया अदा करती हूं। दोषियों के परिवार के बारे में पूछने पर आशा देवी ने कहा कि चारों को सजा मिलना बेहद जरूरी है, चारों के परिवार में आशा देवी ने कोई टिप्पणी नहीं की।
 

निर्भया के दोषियों को कसूरी वार्ड में किया गया शिफ्ट

निर्भया के दोषियों को फांसी कोठरी (डेथ सेल) में भेजने से पहले बृहस्पतिवार को तिहाड़ जेल प्रशासन ने कसूरी वार्ड में भेज दिया है। जेल सूत्रों का कहना है कि चूंकि दोषियों के पास क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति के पास दया याचिका डालने का मौका है। ऐसे में कहीं इनकी फांसी की तारीख आगे न बढ़ जाए, इसको ध्यान में रखते हुए फिलहाल मुकेश, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार सिंह को कसूरी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। 

वहीं विनय जेल नंबर-4 की हाई सिक्योरिटी सेल में ही बंद हैं। जेल सूत्रों का कहना है कि फांसी कोठरी में फिलहाल कुछ काम भी चल रहा है। ऐसे में इनको एकांत कसूरी वार्ड में रखा गया है। यहां सभी दोषियों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। इसके अलावा हर सेल के बाहर 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। किसी दूसरे कैदियों को कसूरी वार्ड जाने की अनुमति नहीं है।

जेल सूत्रों का कहना है कि पहले मुकेश, पवन और अक्षय को जेल नंबर-2 की हाई सिक्योरिटी सेल में अलग-अलग कमरों में रखा गया था। विनय जेल नंबर-4 के एक अलग कमरे में बंद है। सूत्रों का कहना है कि इन कमरों में दूसरे कैदी बाहर तक आ सकते थे। जेल प्रशासन ने अब तीनों दोषी मुकेश, पवन व अक्षय को कसूरी वार्ड में रखने का फैसला किया। 

यहां सुरक्षाकर्मियों के अलावा किसी को भी आने की अनुमति नहीं है। सूत्रों के मुताबिक जिन कैदियों का आचरण ठीक नहीं होता है, अमूमन उन कैदियों को एकांत में रखने के लिए कसूरी वार्ड में रखा जाता है। निर्भया के दोषियों को यहां रखने से पहले सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। बुधवार को यहां सीसीटीवी कैमरे लगाकर 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई। 

विनय को कसूरी वार्ड में क्यों शिफ्ट नही किया गया, इस पर जेल प्रशासन फिलहाल कुछ भी बोलने के लिए तैयार नही है। सूत्रों का कहना क्यूरेटिव पिटीशन और राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने के बाद चारों दोषियों को फांसी कोठरी में शिफ्ट कर दिया जाएगा। फांसी देने की तारीख तय होने के बाद दोषियों को फांसी कोठरी में एकांत में रखा जाता है। 

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