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राजधानी में रोज 6 रेप, 11 महिलाएं व लड़कियां हो जाती हैं लापता, 12 से छेड़छाड़

Fri, 16 Dec 2016 10:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 16 Dec 2016 10:31 AM IST
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nirbhaya gangrape the condition of delhi girl is very poor security
द‌िल्ली में मह‌िलाओं शोषण अब भी बरकरार - फोटो : अमर उजाला

निर्भया गैंगरेप मामले के चार साल बाद भी दिल्ली में महिलाएं महफूज नहीं हैं, जबकि इस घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे।

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दिल्ली पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें, तो अब भी राजधानी में रोजाना छह महिलाओं के साथ दुष्कर्म और 12 महिलाओं से छेड़छाड़ हो रही है। वहीं, 11 महिलाएं और लड़कियां रोजाना गायब हो जाती हैं।
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राजधानी की जनसंख्या 1.75 करोड़ के आसपास है। इसमें महिलाएं करीब 80 लाख हैं। निर्भया गैंगरेप के बाद राजधानी में महिला पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की बात की गई, लेकिन हालात जस के तस हैं।

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महिलाओं की 80 लाख की आबादी पर दिल्ली पुलिस में सिर्फ 7454 महिला पुलिस कर्मी तैनात हैं। थानों में उनकी तैनाती न के बराबर है। ऐसे में दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।

आंकड़ों पर गौर करें, तो 40 फीसदी महिलाओं के साथ आते-जाते समय छेड़छाड़ की जाती है। वहीं, करीब 41 फीसदी महिलाएं बसों, मेट्रो व ट्रेनों में छेड़छाड़ का शिकार होती हैं। बाकी महिलाओं से बाजार व भीड़ वाले अन्य स्थानों पर छेड़छाड़ होती है।

महिलाओं से अपराध के कुछ आंकड़े

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rape
दुष्कर्म 
2012        706
2013        1636
2014        2166
2015        2199
2016        1981

छेड़छाड़
2012        727
2013        3515
2014        4322
2015        5367
2016        3910

फब्तियां कसना
2012        208
2013        916
2014        1361
2015        1492
2016        867

अपहरण
2012        2210
2013        3609
2014        4027
2015        4294
2016        3605

दहेज प्रताड़ना
2012        2046
2013        3045
2014        3194
2015        3536
2016        3436

दहेज हत्या
2012        134
2013        144
2014        153
2015        122
2016        153
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(नोट : 2016 के सभी आंकड़े 30 नवंबर 2016 तक के हैं)।
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