राजधानी में रोज 6 रेप, 11 महिलाएं व लड़कियां हो जाती हैं लापता, 12 से छेड़छाड़
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निर्भया गैंगरेप मामले के चार साल बाद भी दिल्ली में महिलाएं महफूज नहीं हैं, जबकि इस घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए थे।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें, तो अब भी राजधानी में रोजाना छह महिलाओं के साथ दुष्कर्म और 12 महिलाओं से छेड़छाड़ हो रही है। वहीं, 11 महिलाएं और लड़कियां रोजाना गायब हो जाती हैं।
राजधानी की जनसंख्या 1.75 करोड़ के आसपास है। इसमें महिलाएं करीब 80 लाख हैं। निर्भया गैंगरेप के बाद राजधानी में महिला पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की बात की गई, लेकिन हालात जस के तस हैं।
महिलाओं की 80 लाख की आबादी पर दिल्ली पुलिस में सिर्फ 7454 महिला पुलिस कर्मी तैनात हैं। थानों में उनकी तैनाती न के बराबर है। ऐसे में दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।
आंकड़ों पर गौर करें, तो 40 फीसदी महिलाओं के साथ आते-जाते समय छेड़छाड़ की जाती है। वहीं, करीब 41 फीसदी महिलाएं बसों, मेट्रो व ट्रेनों में छेड़छाड़ का शिकार होती हैं। बाकी महिलाओं से बाजार व भीड़ वाले अन्य स्थानों पर छेड़छाड़ होती है।
महिलाओं से अपराध के कुछ आंकड़े
2012 706
2013 1636
2014 2166
2015 2199
2016 1981
छेड़छाड़
2012 727
2013 3515
2014 4322
2015 5367
2016 3910
फब्तियां कसना
2012 208
2013 916
2014 1361
2015 1492
2016 867
अपहरण
2012 2210
2013 3609
2014 4027
2015 4294
2016 3605
दहेज प्रताड़ना
2012 2046
2013 3045
2014 3194
2015 3536
2016 3436
दहेज हत्या
2012 134
2013 144
2014 153
2015 122
2016 153
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(नोट : 2016 के सभी आंकड़े 30 नवंबर 2016 तक के हैं)।