{"_id":"5e2305cd8ebc3e4b166c395c","slug":"nirbhaya-case-pawan-will-reach-tihar-jail-on-30-january","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"निर्भया मामला: अब 22 नहीं 30 जनवरी को जल्लाद पवन पहुंचेगा तिहाड़ जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्भया मामला: अब 22 नहीं 30 जनवरी को जल्लाद पवन पहुंचेगा तिहाड़ जेल
Sat, 18 Jan 2020 06:50 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Sat, 18 Jan 2020 06:50 PM IST
विज्ञापन
पवन जल्लाद
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
तिहाड़ जेल प्रशासन ने निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने की पूरी तैयारी कर ली है। पहले 20 जनवरी को जल्लाद पवन तिहाड़ जेल पहुंचने वाला था, लेकिन फांसी की तारीख बढ़ने के कारण वह अब 30 जनवरी को पहुंचेगा। इसकी जानकारी डीजी जेल आनंद कुमार ने दी है। वहीं, जल्लाद के रहने का इंतजाम जेल परिसर में ही किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार जल्लाद को तिहाड़ के सेमी ओपन जेल परिसर में रखा जाएगा।
विज्ञापन
क्वार्टर के आसपास 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। वहीं, कुछ दिन पहले तिहाड़ जेल प्रशासन ने उत्तर प्रदेश जेल विभाग से निर्भया के चार दोषियों को फांसी देने के लिए दो जल्लाद भेजने की सिफारिश की थी।
विज्ञापन
जल्लाद को मिल सकता है 60 हजार रुपये मेहनताना
निर्भया के दोषियों को फांसी देने वाले जल्लाद को दिए जाने मेहनताना पर अंतिम फैसला नहीं किया गया है। लेकिन जेल सूत्रों का कहना है कि मेहनताना राशि 60 हजार रुपये हो सकती है। अब तक तिहाड़ जेल में फांसी देने वाले जल्लादों को महज डेढ़ सौ रुपये दिए जाते थे।
विज्ञापन
अगर 60 हजार रुपये देने पर फैसला हो जाता है तो पहले की तुलना में यह काफी अधिक होगा। जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इसके अलावा तिहाड़ जेल प्रशासन जल्लाद के आने-जाने, रहने और खाने का खर्च भी वहन करेगा।
बता दें कि निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी मुकेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी कर दिया है। अब निर्भया के दोषियों को 22 जनवरी को नहीं बल्कि एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी होगी।
अदालत में सुनवाई के वक्त बताया गया कि मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है इसलिए नया डेथ वारंट जारी किया जाए। तब अदालत ने सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद यह फैसला लिया और नया डेथ वारंट जारी किया और फांसी की तारीख को एक फरवरी कर दिया है।