एनआईसीपीआर दिलाएगा महिलाओं को गर्भाशय कैंसर से निजात, योगी सरकार की पहल का इंतजार
पोलियो की तरह अब गर्भाश्य के मुख के कैंसर से निजात मिल सकेगी। सेक्टर-39 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (एनआईसीपीआर ) की पहल पर ये काम शुरू हो गया है। इंस्टीट्यूट के सुझाव पर सिक्किम सरकार ने लड़कियों को गर्भाश्य मुख के कैंसर से निजात पाने के लिए काम शुरू कर दिया है। वहां पर 9 से 14 साल तक की लड़कियों को वैक्सीन लगाई गई है। अब उत्तर प्रदेश सरकार की पहल का इंतजार है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च के निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर रवि मेहरोत्रा ने बताया कि कैंसर पीड़ित महिलाओं में 26 प्रतिशत स्तन और 21 प्रतिशत गर्भाशय के मुख का कैंसर मिलता है। गर्भाशय के मुख के कैंसर को लेकर बहुत खोज हुई है और इसकी वैक्सीन मिल गई है। इससे गर्भाशय कैंसर से बच सकते हैं। इसके लिए इंस्टीट्यूट की तरफ से भारत सरकार को 9 से 26 साल तक की लड़कियों को वैक्सीन लगाने का सुझाव दिया था।
उसके बाद भारत सरकार की ओर से इस सुझाव को राज्य सरकार को भेज दिया गया है। इसी के तहत सिक्किम में 1 अगस्त से 24 हजार लड़कियों को वैक्सीन लगाई गई हैं। 6 महीने बाद फिर से वैक्सीन लगाई जाएगी। 26 साल की उम्र तक ये वैक्सीन लगाई जा सकती है। पंजाब में दो जिलों में ये वैक्सीन लगाई जा चुकी है। अभी सरकार को ये वैक्सीन 300 रुपये में पड़ रही है। एनआईसीपीआर में तीन दिवसीय गर्भाशय कैंसर पर स्कीनिंग कार्यक्रम शुरू हुआ है।
बाजार से खरीदकर भी लगवा सकते हैं वैक्सीन
मेडिकल स्टोरों पर भी गर्भाशय के मुंह के कैंसर की वैक्सीन मिलती है। लोग चाहे तो खरीदकर भी वैक्सीन लगवा सकते हैं। हालांकि ये मेडिकल स्टोर में महंगी मिलती है, इसलिए सभी लोग नहीं लगवा सकते हैँ। इसके लिए इंस्टीट्यूट की तरफ से सरकार से मांग की गई है।
हेल्थ क्लीनिक में हुई 6538 की जांच
एनआईसीपीआर में चल रहे हेल्थ क्लीनिक में अब तक 6538 लोगों की जांच की गई है, जिसमें 5428 महिलाएं थीं। इसमें से 98 प्रतिशत महिलाएं में कैंसर की जांच सामान्य आई है। वहीं 5 महिलाओं में कैंसर केलक्षण मिले हैं। कुछ महिलाओं में सामान्य संक्रमण मिला था। यहां पर सोमवार से लेकर बृहस्पतिवार तक सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ओपीडी चलती है। यहां पर कैंसर, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की जांच करवा सकते हैं।
जिला अस्पताल में भर्ती हो सकेंगे कैंसर के मरीज
निदेशक प्रोफेसर रवि मेहरोत्रा ने बताया कि सेक्टर-39 में जिला अस्पताल का भवन बन रहा है। इसमें जिन मरीजों में कैंसर के शुरुआती लक्षण मिलेंगे उनको भर्ती किया जाएगा। उसमें अलग से एक वार्ड बनाया जाएगा। वहीं, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च ने एम्स से भी टायअप किया हुआ है। अगर कैंसर का मरीज आता है तो उसको एम्स में रेफर कर दिया जाता है। इसकी जानकारी खुद इंस्टीट्यूट की तरफ से भी एम्स को दी जाती है। इससे मरीज को प्राथमिकता दी जाती है।