फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   NGT warns to Government oil company Directors if they do not pay fine send to jail

सरकारी तेल कंपनी के निदेशकों को जेल भेजने की चेतावनी

Wed, 30 Jan 2019 03:07 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Wed, 30 Jan 2019 03:07 AM IST
विज्ञापन
NGT warns to Government oil company Directors if they do not pay fine send to jail
ngt - फोटो : ngt
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने सरकारी तेल कंपनियों को एक करोड़ रुपये जुर्माना न भरने के लिए कड़ी फटकार लगाई है। प्रधान पीठ ने सभी तेल कंपनियों को चेताया है कि यदि उन्होंने दो हफ्तों के भीतर जुर्माने की राशि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के पास नहीं जमा की तो उनके निदेशकों को जेल भेजने का आदेश दिया जाएगा।  
विज्ञापन


जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने तेल कंपनियों को तल्ख टिप्पणी में कहा कि यह पर्यावरण का मामला है। आप लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में हम आपकी जिंदगी के साथ भी खेलेंगे। पीठ ने तेल कंपनियों के निदेशकों से कहा कि सलाखों के पीछे खड़े रहने में कोई नुकसान नहीं है। सितंबर में दिए गए आदेश का अभी तक पालन नहीं किया गया। यदि इस बार भी देरी हुई तो जेल भेजने का आदेश दिया जाएगा। 
विज्ञापन


मामले पर अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी। पीठ ने कहा कि हलफनामे में कुछ तथ्य होने चाहिए वह फ्रॉड पर आधारित नहीं होने चाहिए। प्रत्येक बार होने वाली देरी के लिए या तो किसी का वेतन काटा जाएगा। यदि आदेश का अगली तारीख तक अनुपालन कर लिया जाता है तो जेल नहीं भेजा जाएगा। दो हफ्तों का समय है या तो आदेश का पालन करें या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें।  
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि फ्यूल स्टेशन पर तेल भरते वक्त बेहद बारीक और आंखों से न दिखने वाले प्रदूषण कण उड़ते हैं। इनकी रोकथाम के लिए वैपर रिकवरी सिस्टम संचालित लगाया जाता है।  पीठ ने सभी तेल कंपनियों को जुर्माने की राशि जमा करने के बाद हलफनामा भी दाखिल करने का आदेश दिया है। 

इन कंपनियों पर लगा है जुर्माना
जिन कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया था उनमें भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड शामिल हैं।  

क्या है मामला
एनजीटी ने सभी तेल कंपनियों को 31 अक्तूबर तक वैपर रिकवरी डिवाइस लगाने का आदेश दिया था। साथ ही सीपीसीबी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश भी दिया था। एनजीटी के आदेश पर सीपीसीबी ने हाल ही में सभी तेल कंपनियों को अपने-अपने फ्यूल स्टेशन पर प्रदूषण कणों की रोकथाम के लिए वैपर रिकवरी सिस्टम (वीआरएस) न लगाने के लिए एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। 

जुर्माने की यह राशि अभी तक तेल कंपनियों की ओर से नहीं जमा की गई है।  एनजीटी आदित्य एन प्रसाद के मामले की सुनवाई कर रही है। याची का आरोप है कि दिल्ली में अधिकांश पेट्रोल पंपों पर वैपर रिकवरी सिस्टम संचालित नहीं है, जिसके कारण प्रदूषण कणों में बढ़ोतरी हो रही है।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed