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दिल्ली-सहारनपुर रोड का हाल बेहाल: ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण पर NGT सख्त, नगर पालिका और GDA से मांगा जवाब
Tue, 23 Sep 2025 08:39 AM IST
अनुज कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 23 Sep 2025 08:39 AM IST
सार
एनजीटी ने लोनी से पावी सादतपुर तक ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध कब्जों पर गंभीर रुख अपनाते हुए नगर पालिका परिषद और जीडीए समेत सभी पक्षों से जवाब मांगा है। अदालत ने साफ कहा है कि यह पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन है और अगली सुनवाई से पहले सभी को स्पष्टीकरण देना होगा।
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एनजीटी
- फोटो : संवाद
विस्तार
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली–सहारनपुर रोड (एनएच-709बी) पर बने ग्रीन बेल्ट इलाकों में अवैध कब्जे और हॉर्टिकल्चर टेंडर रद्द करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने इसे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन माना।
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अदालत ने नगर पालिका परिषद लोनी, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) समेत सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सभी को अपना जवाब अगली सुनवाई 18 दिसंबर 2025 से एक हफ्ता पहले दाखिल करना होगा।
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याचिकाकर्ता का आरोप है कि लोनी गोलचक्कर से पावी सादतपुर तक लगभग 15 किलोमीटर लंबे ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में घास लगाने के लिए जारी टेंडर बाद में रद्द कर दिया गया। इसके बाद इन जगहों पर अवैध अतिक्रमण शुरू हो गया। सबूत के तौर पर तस्वीरें और टेंडर दस्तावेज पेश किए गए हैं।
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याचिकाकर्ता ने नगर पालिका परिषद और जीडीए से शिकायत भी की थी। 7 अप्रैल 2025 को एक उल्लंघनकर्ता को नोटिस भेजा गया और 11 अप्रैल 2025 को जीडीए ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पर्यावरणीय नुकसान लगातार बढ़ रहा है।