आनंद विहार में प्रदूषण की स्थिति पर एनजीटी सख्त, जारी किया नोटिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनजीटी ने गाजियाबाद जिले में कौशांबी बस अड़्डे और दिल्ली इलाके में मौजूद आनंद विहार क्षेत्र में प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए संबंधित सार्वजनिक प्राधिकरणों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बेंच ने पूछा है कि आखिर सभी प्राधिकरणों पर दायित्व न निभाने के लिए पर्यावरणीय जुर्माना क्यों न लगाया जाए। एनजीटी का यह निर्देश 17 मार्च को किए गए संयुक्त जांच की रिपोर्ट पर गौर करने के बाद आया है।
रिपोर्ट में बताया गया था कि कौशांबी और आसपास के इलाके में न सिर्फ वायु गुणवत्ता खराब है बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी मानकों से ज्यादा है। वहीं आदेश का उल्लंघन कर खुले में कूड़ा-कचरा जलाया जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।
सभी प्राधिकरण दो सप्ताह में जवाब या आपत्ति दाखिल करें
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने कौशांबी अपार्टमेंट रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (कारवा) की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया है। एसोसिएशन की ओर से दाखिल याचिका में आरोप था कि कौशांबी बस अड्डे के आसपास सड़कों पर जाम लगता है।
साथ ही नियमों को तोड़कर निजी बसों का भी जमावड़ा सड़कों पर रहता है। इससे आसपास मौजूद निवासियों को न सिर्फ वायु प्रदूषण बल्कि ध्वनि प्रदूषण का भी सामना करना पड़ता है। बेंच ने अपने निर्देश में कहा कि सभी प्राधिकरण दो सप्ताह में जवाब या आपत्ति दाखिल करें।
वहीं इस बीच सभी संबंधित प्राधिकरण, निगम और पुलिस प्रशासन इस संबंध में बैठक कर संयुक्त जांच रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों पर विचार करें। बैठक में जिलाधिकारी और डिप्टी कमिश्नर की भी भागीदारी होनी चाहिए। यदि इस संबंध में कुछ सिफारिशें हों तो वह भी बैठक के बाद सुझाया जाना चाहिए।