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Delhi NCR News: एनजीटी ने 5.39 करोड़ रुपये मुआवजे की वसूली पर रिपोर्ट मांगी
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- अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एनजीटी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) को महेंद्रगढ़ के स्टोन क्रशर यूनिटों से पर्यावरण मुआवजे की वसूली पर अपडेटेड रिपोर्ट चार हफ्तों में पेश करने का निर्देश दिया है। बेंच ने एचएसपीसीबी की कार्रवाई रिपोर्ट पर विचार करते हुए यह आदेश दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, 88 स्टोन क्रशर यूनिटों पर कुल 5.39 करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया था। इसमें से 67 यूनिटों से 3.61 करोड़ रुपये वसूल हो चुके हैं। शेष 1.78 करोड़ रुपये 22 यूनिटों से अभी बाकी हैं। इन 22 यूनिटों के मामले राजस्व विभाग को भेजे गए हैं, जहां संपत्ति कुर्क करने जैसी कार्रवाई चल रही है। एनजीटी ने कहा कि वसूले गए पैसे का इस्तेमाल महेंद्रगढ़ में वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण सुधार के कामों में किया जाएगा। एचएसपीसीबी जिला प्रशासन के साथ मिलकर इसकी निगरानी करेगा।
एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा महेंद्रगढ़ जिले की क्षेत्र क्षमता (कैरीइंग कैपेसिटी) की रिपोर्ट दाखिल न करने पर भी ध्यान दिया। पहले सीपीसीबी, एचएसपीसीबी और जिला मजिस्ट्रेट की एक संयुक्त समिति बनाने का आदेश दिया गया था। यह समिति स्टोन क्रशर नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं, इसकी जांच करेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एनजीटी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) को महेंद्रगढ़ के स्टोन क्रशर यूनिटों से पर्यावरण मुआवजे की वसूली पर अपडेटेड रिपोर्ट चार हफ्तों में पेश करने का निर्देश दिया है। बेंच ने एचएसपीसीबी की कार्रवाई रिपोर्ट पर विचार करते हुए यह आदेश दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, 88 स्टोन क्रशर यूनिटों पर कुल 5.39 करोड़ रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया था। इसमें से 67 यूनिटों से 3.61 करोड़ रुपये वसूल हो चुके हैं। शेष 1.78 करोड़ रुपये 22 यूनिटों से अभी बाकी हैं। इन 22 यूनिटों के मामले राजस्व विभाग को भेजे गए हैं, जहां संपत्ति कुर्क करने जैसी कार्रवाई चल रही है। एनजीटी ने कहा कि वसूले गए पैसे का इस्तेमाल महेंद्रगढ़ में वायु प्रदूषण कम करने और पर्यावरण सुधार के कामों में किया जाएगा। एचएसपीसीबी जिला प्रशासन के साथ मिलकर इसकी निगरानी करेगा।
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एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा महेंद्रगढ़ जिले की क्षेत्र क्षमता (कैरीइंग कैपेसिटी) की रिपोर्ट दाखिल न करने पर भी ध्यान दिया। पहले सीपीसीबी, एचएसपीसीबी और जिला मजिस्ट्रेट की एक संयुक्त समिति बनाने का आदेश दिया गया था। यह समिति स्टोन क्रशर नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं, इसकी जांच करेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
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