फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   NGT issues notice to Delhi government over encroachment on historic water body in Narela

Delhi: 84 बीघा में फैले नरेला के ऐतिहासिक जल निकाय पर अतिक्रमण, एनजीटी ने दिखाई सख्ती; सरकार से जवाब तलब

Wed, 21 May 2025 08:07 AM IST
विजय पुंडीर नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली
नितिन राजपूत, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 21 May 2025 08:07 AM IST
सार

याचिकाकर्ता राम चंद्र भारद्वाज ने अपनी याचिका में कहा कि नरेला के सेक्शन ए-10 में 84 बीघा क्षेत्रफल में फैला एक ऐतिहासिक जल निकाय है। आवेदक का आरोप है कि उपरोक्त जल निकाय पर अतिक्रमण किया गया है और इसे पुनर्जीवित करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है।

विज्ञापन
NGT issues notice to Delhi government over encroachment on historic water body in Narela
एनजीटी - फोटो : संवाद

विस्तार

नरेला स्थित एक ऐतिहासिक जल निकाय पर अतिक्रमण कर लिया गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। इस मामले से जुड़ी एक याचिका राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को मिली है। 

विज्ञापन


याचिकाकर्ता राम चंद्र भारद्वाज ने अपनी याचिका में कहा कि नरेला के सेक्शन ए-10 में 84 बीघा क्षेत्रफल में फैला एक ऐतिहासिक जल निकाय है। आवेदक की दलील है कि इस जल निकाय का निर्माण चांद नामक राजा ने करवाया था और इसका उपयोग जल में खेल खेलने के लिए किया जाता था। 19 मई को मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि याचिका में पर्यावरणीय मानदंडों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है। 
विज्ञापन


ऐसे में अदालत ने दिल्ली सरकार समेत अन्य दूसरे प्रतिवादियों को ई-फाइलिंग के माध्यम से सुनवाई की अगली तारीख 18 सितंबर से कम से कम एक सप्ताह पहले जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। पीठ ने कहा कि यदि कोई प्रतिवादी अपने वकील के माध्यम से जवाब दाखिल किए बिना सीधे जवाब दाखिल करता है तो उक्त प्रतिवादी अधिकरण की सहायता के लिए वस्तुतः उपस्थित रहेगा। पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज अहमद भी शामिल रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन


जल निकाय का रिकॉर्ड राजस्व विभाग में भी उपलब्ध
सुनवाई के दौरान आवेदक के वकील संदीप भारद्वाज ने कहा कि यह एक जल निकाय है। इसके लिए उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड का हवाला दिया। आवेदक का आरोप है कि उपरोक्त जल निकाय पर अतिक्रमण किया गया है और इसे पुनर्जीवित करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। इस दलील के समर्थन में आवेदक ने एक मीडिया रिपोर्ट भी दाखिल की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed