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Delhi: वनीकरण के लिए आवंटित भूमि के दुरुपयोग करने का दावा करने वाली याचिका पर नोटिस जारी, जानें पूरा मामला
Sun, 05 Jan 2025 04:21 PM IST
श्याम जी.
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 05 Jan 2025 04:21 PM IST
सार
एनजीटी ने वनीकरण के लिए आवंटित वन भूमि के दुरुपयोग का दावा करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।
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एनजीटी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वनीकरण के लिए आवंटित वन भूमि के कथित "दुरुपयोग" के संबंध में दिल्ली सरकार और अन्य से जवाब मांगा है। हरित निकाय एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें दावा किया गया था कि नजफगढ़ के खरखरी जटमल गांव में ग्राम सभा की 125 बीघे (लगभग 30 हेक्टेयर) भूमि 2005 में वनीकरण के लिए वन विभाग को आवंटित की गई थी और उपराज्यपाल ने प्रदूषण को कम करने, हरियाली बढ़ाने के लिए इस आवंटन को मंजूरी दी थी।
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याचिका में आरोप लगाया गया कि इस जमीन का दुरुपयोग किया गया, क्योंकि भूमाफिया ने इस पर कब्जा कर लिया और अवैध निर्माण और अनधिकृत कृषि गतिविधियां शुरू कर दीं। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने 2 जनवरी के अपने आदेश में कहा कि याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि भूमि का सीमांकन अधूरा था और इस क्षेत्र से भूजल की अवैध निकासी और बिक्री हुई थी।
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पीठ ने कहा, ''प्रतिवादियों को सुनवाई की अगली तारीख (22 अप्रैल) से कम से कम एक सप्ताह पहले न्यायाधिकरण के समक्ष हलफनामे के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया/उत्तर दाखिल करने के लिए नोटिस जारी करें।'' पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य भी शामिल थे। मामले में प्रतिवादी दिल्ली सरकार, उप वन संरक्षक, वन और वन्यजीव विभाग और संबंधित उप-विभागीय मजिस्ट्रेट हैं।
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