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NewsClick Case: पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई, फैसला सुरक्षित
Tue, 10 Oct 2023 01:34 AM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 10 Oct 2023 01:34 AM IST
सार
न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने पुरकायस्थ, चक्रवर्ती और दिल्ली पुलिस के वकीलों को 2 घंटे से अधिक समय तक सुनने के बाद यूएपीए मामले में उनके रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
न्यूजक्लिक के संस्थापक संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और संस्था के मानव संसाधन प्रमुख अमित चक्रवर्ती की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को उनके अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि न्यूजक्लिक संस्थापक की गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं है। उन्हें चीन से एक पैसा भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के आधार कारणों से अलग हैं और यहां तक कि दिए गए कारण भी अलग हैं।
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न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने पुरकायस्थ, चक्रवर्ती और दिल्ली पुलिस के वकीलों को 2 घंटे से अधिक समय तक सुनने के बाद यूएपीए मामले में उनके रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत तय करेगी कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की ओर से दर्ज यूएपीए एफआईआर को चुनौती के संबंध में नोटिस जारी करना है या नहीं। दोनों पर न्यूज पोर्टल के माध्यम से चीन का समर्थन एवं प्रचार के लिए धन प्राप्त करने का आरोप है। पुरकायस्थ और चक्रवर्ती ने अपनी याचिका में यूएपीए एफआईआर और ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 10 अक्तूबर तक सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
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दूसरी ओर दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले में चीन से लगभग 75 करोड़ रुपये प्राप्त हुए और आरोपियों ने यह सुनिश्चित किया कि देश की स्थिरता और अखंडता से समझौता किया जाए। उन्होंने कहा कि लगाए गए अपराध बेहद गंभीर हैं।
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पुरकायस्थ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत पुरकायस्थ के अधिकार का उल्लंघन किया गया है क्योंकि उनके मुवक्किल को न तो उनकी गिरफ्तारी का आधार प्रदान किया गया था और न ही उन्हें अपना वकील रखने की अनुमति दी गई थी।