शकूरबस्ती मामले में नया मोड़, गठरी से दबकर हुई बच्ची की मौत
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शकूर बस्ती सीमेंट साइट पर झुग्गी तोड़ने के दौरान एक बच्ची की कथित मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया। बच्ची के परिजनों ने पुलिस को बयान दिया है कि तोड़फोड़ से पहले झुग्गी से सामान निकालने के दौरान सामान से भरी एक गठरी के नीचे दबने से उसकी मौत हुई है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। शकूर बस्ती सीमेंट साइट पर रेलवे की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक बच्ची की मौत के बाद दिल्ली सरकार और रेलवे आमने सामने आ गई।
दिल्ली सरकार ने रेलवे के कार्रवाई को गलत बताते हुए उसपर मामला दर्ज करवाने की बात कही है। वहीं रेलवे की ओर से यह स्पष्टीकरण दिया गया कि उनकी कार्रवाई से पूर्व ही बच्ची की मौत हो गई थी।
वहीं, पश्चिम जिला के पुलिस उपायुक्त पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि बच्ची के परिजनों ने बयान दिया है। इसमें उन लोगों ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपने घरों से सामान निकाल रहे थे।
गठरी के नीचे दबकर अचेत हुई बच्ची?
उन लोगों ने सामान से भरी गठरी को घर के बाहर रख दिया। वहीं पर बच्ची बैठी हुई थी। उसके बाद परिजन दूसरे कमरे से सामान निकालने लगे।
कुछ देर बाद जब बाहर निकले तो बच्ची को गठरी के नीचे दबा हुआ देखा। बच्ची अचेत हो गई थी। परिजन उसे पास के अस्पताल में इलाज के लिए ले गए।
जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक इस बाबत उनके पास कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज कर मामले की जांच कर सकती है।