विदेशों जैसी सुंदर होगी राजधानी: हर दिन जी20 की तरह दिखेगी नई दिल्ली, स्थाई होगा साज-सज्जा का नया ढांचा
एनडीएमसी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अतिथियों व आयोजन स्थल से जुड़े नई दिल्ली के इलाकों को विदेशों की तरह सजाया व संवारा था। इसे देखकर सम्मेलन में आए अतिथि भी चकित हो गए थे और उन्होंने नई दिल्ली इलाके की सुंदरता की जमकर तारीफ की थी।
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एनडीएमसी ने अपना अगले साल बजट तैयार करना शुरू कर दिया है। इस संबंध में उसने सभी विभागों के प्रमुखों के साथ-साथ एनडीएमसी के सदस्यों से भी सुझाव मांगे हैं। उनमें से अधिकतर ने नई दिल्ली इलाके को विदेशों जैसा सुंदर शहर बनाने की राय दी है। लिहाजा उसने अगले साल नई दिल्ली इलाके के सौंदर्यीकरण से जुड़ी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है। इस कारण उसके बजट में नई दिल्ली इलाके को सजाने व संवारने की झलक दिखाई देगी। एनडीएमसी का बजट 27 दिसंबर को पास किया जाएगा।
एनडीएमसी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अतिथियों व आयोजन स्थल से जुड़े नई दिल्ली के इलाकों को विदेशों की तरह सजाया व संवारा था। इसे देखकर सम्मेलन में आए अतिथि भी चकित हो गए थे और उन्होंने नई दिल्ली इलाके की सुंदरता की जमकर तारीफ की थी। इसके मद्देनजर एनडीएमसी नई दिल्ली इलाके को सजाने व संवारने पर ध्यान देने पर जोर देने का निर्णय लिया है और वह अपने अगले साल के बजट में ऐसी योजनाओं के लिए राशि का प्रावधान करेगी। एनडीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि जैसे जी-20 में शामिल देशों के राष्ट्रीय पशुओं की आकृति का वेस्ट टू वंडर थीम पर पार्क विकसित किया था, वैसे ही विश्व की विख्यात इमारतों की आकृतियों का पार्क बनाने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा इलाके में पूर्ण हरियाली और खिले हुए फूल की हरियाली भी करने की योजना है। इस कड़ी में विभिन्न स्थानों पर बड़े-बड़े गमले रखे जा सकते हैं। उन्होंने पार्कों, चौराहों व सड़कों के किनारे फव्वारे लगाने की भी राय दी है। अधिकारियों ने चौराहों का व्यापक सौंदर्यीकरण करने और उन पर विभिन्न विख्यात मूर्तियों को लगाने पर जोर दिया। इसके अलावा सड़कों का नवीनीकरण करने की भी योजना आगे बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। वहीं, शिवाजी टर्मिनल का पुनर्विकास करके उसे विदेशों के टर्मिनलों जैसा बनाने का सुझाव दिया।
वायु प्रदूषण की समस्या पर भी दिया जाएगा ध्यान
एनडीएमसी के अधिकारियों ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हरियाली के साथ-साथ अन्य कदम भी उठाने की राय दी है। इस कड़ी में बहुमंजिली इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन लगाने, कई सड़कों पर एंटी स्मॉग गन स्थापित करने और एंटी स्मॉग गन को सभी इलाकों में घुमाने का सुझाव दिया है। वहीं, सड़कों को प्रभावी ढंग से साफ रखने के लिए यांत्रिक रोड स्वीपरों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया है। खुद की सौर ऊर्जा नीति लाने और ई-वाहनों को पूरी तरह से अपनाने के साथ-साथ सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या भी बढ़ाने की योजना को आगे बढ़ाने की राय दी गई है।