लापरवाही: खुलेआम CISF कैंप के बाहर बिक रही है सेना की वर्दी
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भारतीय सैनिकों जैसी हूबहू वर्दी पहनकर आतंकवादियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। इतने बड़े हमले के बावजूद स्थानीय प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। ट्रांस हिंडन में खुलेआम सड़क किनारे सेना-अर्द्धसैनिक बल में प्रचलित डिजाइन जैसी वर्दियां सरेआम बिक रहीं हैं।
इंदिरापुरम स्थित सीआईएसएफ कैंप के सामने फुटपाथ पर लगी दुकानों से इन वर्दी को खरीदकर कोई भी असामाजिक तत्व घटना को अंजाम दे सकता है। प्रशासन को वर्दी बिक्री की जानकारी तक नहीं है।
अब तक हुए अधिकतर हमलों में आतंकी लगातार सेना की वर्दी का प्रयोग कर रहे हैं। गाजियाबाद में हिंडन एयरबेस, सीआईएसएफ कैंप, पीएसी बटालियन, मेट्रो स्टेशन और मॉल्स समेत कई संवेदनशील स्थान हैं।
बावजूद इसके खुलेआम बिकती सेना की वर्दी कभी भी सुरक्षा में सेंध की वजह बन सकती है। कोई भी व्यक्ति इन दुकानों से आकर वर्दी खरीद सकता है। न तो यहां किसी का आईकार्ड जांचा जाता है और न ही कोई और डिटेल दुकानदार रखते हैं।
दुकानदार बोले सिर्फ सीआईएसएफ के जवानों को वर्दी बेचते हैं
फुटपाथ पर लगी दुकानों से पैंट-शर्ट के अलावा जैकेट, शर्ट, टोपी, मोजे और जूते आदि कुछ भी लिया जा सकता है। हालांकि दुकानदारों ने बताया कि वे सिर्फ सीआईएसएफ के जवानों को वर्दी बेचते हैं। मगर दुकानों पर आए सामान्य लोग भी वर्दी खरीदते दिखाई दिए और दुकानदारों ने कोई इंक्वायरी भी नहीं की।
सीआईएसएफ के पीआरओ हेमेंद्र ने बताया कि सीआईएसएफ की सीमा के बाहर होने के चलते वह इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। प्रशासन को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
समय-समय पर हेडक्वार्टर की ओर से प्रशासन को इसके प्रति सूचित भी किया जाता है। उधर, डीएम विमल कुमार ने बताया कि सीआईएसएफ की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। अगर अवैध बिक्री की जा रही है, तो कार्रवाई की जाएगी।