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ननकाना साहिब मामलाः पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन, बजरंग दल और सुरक्षा बलों में झड़प
Tue, 07 Jan 2020 01:18 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 07 Jan 2020 01:18 PM IST
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ननकाना साहिब में हुए हमले के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन
- फोटो : एएनआई
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ननकाना साहिब भीड़ हिंसा के विरोध में मंगलवार को दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियोें को पीछे हटाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों में झड़प हो गई।
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क्या है मामला
पाकिस्तान के ननकाना साहिब में 3 जनवरी को भीड़ ने सिखों के पवित्र स्थल ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पथराव कर दिया और सिखों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके कारण सिखों को नगर कीर्तन करने की अनुमति नहीं दी गई थी। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में अब भी तनाव बरकरार है जिसके कारण नगर कीर्तन की इजाजत नहीं मिली।
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जानिए घटनाक्रम
बता दें कि शुक्रवार को सैकड़ों लोगों ने गुरुद्वारे को घेर लिया था। इस भीड़ की अगुवाई मोहम्मद हसन के परिवार ने की थी, जिस पर सिख लड़की जगजीत कौर का जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप है। घटना के बाद बड़ी तादाद में पुलिस तैनात की गई है, लेकिन हालात तनावपूर्ण हैं। घटना से सिख समुदाय में आक्रोश है।
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जानकारी के अनुसार जगजीत कौर उर्फ आयशा के साथ शादी करने वाले मोहम्मद एहसान के भाई मोहम्मद इमरान के साथ आए मुसलमानों ने गुरुद्वारा साहिब को घेर लिया था। पहले उन्होंने गुरुद्वारा साहिब के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बैठकर प्रदर्शन किया। इसके बाद गुरुद्वारे के मुख्य प्रवेश द्वार पर पथराव किया गया।
गेट बंद करने पर गुरुद्वारा साहिब के भीतर भी पत्थर फेंके गए। प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी कि इस शहर का नाम बदलकर गुलाम-ए-मुस्तफा कराएंगे। कोई सिख ननकाना में नहीं रहेगा। यह प्रदर्शन लगभग चार घंटे चला था। इस कारण गुरुद्वारे के आसपास की दुकानें बंद हो गईं।
इस दौरान गुरुद्वारे में मौजूद संगत डरकर प्रदर्शनकारियों के जाने के बाद भी काफी देर तक वहीं बैठी रही। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कई पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद संगत वहां से निकली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।