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Namo Bharat: अब दिल्ली से करनाल तक के सफर को मिलेगी तेज रफ्तार की पहचान, बड़ी नियुक्ति की तैयारी
Sat, 16 May 2026 02:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 16 May 2026 02:11 AM IST
सार
इसके लिए वैश्विक निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। निविदा से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक यह कंसल्टेंट प्रोजेक्ट के डिजाइन, निर्माण निगरानी, तकनीकी मानकों और सिस्टम इंटीग्रेशन की जिम्मेदारी संभालेगा।
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Namo Bharat Train
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली से हरियाणा के करनाल तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर के लिए एनसीआरटीसी ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनरल कंसल्टेंट (जीसी) नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए वैश्विक निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। निविदा से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक यह कंसल्टेंट प्रोजेक्ट के डिजाइन, निर्माण निगरानी, तकनीकी मानकों और सिस्टम इंटीग्रेशन की जिम्मेदारी संभालेगा। इस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से दौड़ेंगी। इसके लिए अत्याधुनिक सिग्नलिंग, संचार और सुरक्षा प्रणालियां विकसित की जाएंगी।
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एनसीआरटीसी ने इस कार्य के लिए 56 महीने की समयसीमा तय की है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अगले कुछ वर्षों में दिल्ली और करनाल के बीच हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है। कॉरिडोर के लिए टोपोग्राफिक सर्वे और भूमिगत पाइपलाइन व केबलों की पहचान हेतु ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार सर्वे तेजी से किया जा रहा है।
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बिजली लाइनों और टेलीकॉम केबलों को शिफ्ट करने के कई ठेके पहले ही जारी किए जा चुके हैं। दिल्ली-पानीपत-करनाल मार्ग के चौड़ीकरण का काम भी शुरू हो चुका है ताकि मुख्य निर्माण के दौरान ट्रैफिक दबाव कम रहे। कॉरिडोर की शुरुआत दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से होगी, जो मौजूदा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का प्रमुख हब है।
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इसके बाद ट्रेन सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत और घरौंडा होते हुए करनाल के नए आईएसबीटी तक पहुंचेगी। पूरे रूट पर 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें से चार स्टेशन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जाएंगे। कॉरिडोर को दिल्ली मेट्रो के कश्मीरी गेट, इंद्रप्रस्थ और कुंडली जैसे प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों से भी जोड़ा जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा निर्माण कार्य...
जनरल कंसल्टेंट यह सुनिश्चित करेगा कि प्रोजेक्ट का डिजाइन और निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो, ताकि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से हरियाणा के औद्योगिक शहरों को दिल्ली से तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे व्यापार, निवेश और रियल एस्टेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।