कार्टून में पौराणिक कथाएं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भागमभाग भरी जिंदगी व एकल परिवारों के चलन ने बच्चों को दादा,
इस समस्या को खत्म करने के लिए प्रकाशकों ने पहल की है, जिससे बच्चे खेल खेल में शिक्षा व ज्ञान से जुड़ सकेंगे। खास बात है कि देसी, विदेशी प्रकाशक बच्चों को पौराणिक कथाओं से जोड़ने के लिए कार्टूनों का सहारा ले रहे हैं। जो कि हिंदी अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं में उपलब्ध हैं।
प्रगति मैदान में आयोजित विश्व
पुस्तक मेला 2016 की खासियत है कि यहां हर वर्ग को ध्यान में रख कर
किताबों को लाया गया है। इसमें बच्चों का खासा ध्यान रखा गया है।
बच्चों को
पौराणिक कथाओं से जोड़ने वाली कहानियां चीनी, फ्रांस, इंडोनेशिया के अलावा
भारतीय स्टॉल पर उपलब्ध हैं। चीनी स्टाल पर वीरबल की कहानियां कार्टून
किरदारों की तर्ज पर खूबसूरती से दर्शायी गईं है, जोकि महज साढ़े तीन सौ
रुपये में उपलब्ध है।
इसके अलावा अकबर व अली बाबा चालीस चोर भी बेहद ट्रेंड
में हैं। प्रकाशकों ने बच्चों की पसंद को समझते हुए इस बार अधिकतर किताबों
में कार्टूनों का प्रयोग किया है।
यहां पर चर्चित एरोप्लेन, एस्ट्रोनॉमी,
साइंस फिक्शन व साइंस, नॉवेल, ग्राफिक नॉवेल, आर्ट बुक्स, टीनएजर लिटरेचर,
पोएट्री, कॉमिक्स, इलस्ट्रेशन बुक्स, स्पोर्ट्स लिटरेचर, एजूकेशनल 3डी अहम
है।
वहीं, बाल मंडप में पाठ्यक्रम से लेकर
स्कूल जाने से पहले ए, बी, सी, डी और क, ख, ग व 1, 2, 3 से जोड़ने के लिए
किताबें नहीं, बल्कि कंप्यूटर व लैपटॉप पर प्रयोग होने वाली तकनीक है।
नर्सरी दाखिले से पहले बच्चों को सिखाए जाने वाले सामान्य ज्ञान समेत 12वीं
कक्षा तक के पाठ्यक्रम सीडी, डीवीडी, पेनड्राइवों में उपलब्ध हैं।
इन
आधुनिक माध्यमों में ग्राफिक्स, कार्टून किरदार, संगीत व आवाज को बेहद
प्रभावी ढंग से प्रयोग किया गया है। इनमें अक्षर ज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी,
मैथ्स, साइंस, इतिहास, कंप्यूटर की बेसिक नॉलेज, इंटरव्यू व परीक्षा की
तैयारी, टीचर से सवाल करना, स्पोर्ट्स की जानकारी से लेकर मेडिकल,
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी विषय भी उपलब्ध हैं।