तीन तलाक कानून पर ऐसी रही मुस्लिम महिलाओं की प्रतिक्रिया...
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तीन तलाक पर बिल संसद में पेश होने के बाद मुस्लिम महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। राजधानी की सामाजिक कार्यकर्ताओं और मुस्लिम महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट और सरकार का आभार व्यक्त करते हुए गुरुवार का दिन जश्न वाला बताया।
साथ ही इनका कहना है कि तीन तलाक कानून आने के बाद वर्षों से मुस्लिम महिलाओं का शोषण करने वाले कथित नेताओं के गाल पर ये करारा तमाचा है। अमर उजाला से बातचीत में महिलाओं ने जहां बिल पेश होने पर खुशी जताई, वहीं मुस्लिम महिलाओं के अधिकार को लेकर गुस्सा भी जाहिर किया।
तीन तलाक को लेकर हम लंबे समय से मुस्लिम महिलाओं की आवाज उठा रहे हैं। आज सुप्रीम कोर्ट और सरकार के हस्तक्षेप से कानून आने से बड़ी कोई और खुुशी नहीं है। अब उन कथित लोगों की दुकानें बंद हो जाएंगी जो मुस्लिम समाज की आड़ में राजनीति किया करते थे। -शबनम खान, मानवाधिकार कार्यकर्ता
बिल पेश हाने का अर्थ कानून लागू है। इससे बहुत सुकून मिल रहा है। देश में पहली बार मुस्लिम महिलाओं को अधिकार मिलने जा रहा है। कुरान की झूठी दलीलें देने वालों के लिए ये समझना जरूरी है कि अब मुस्लिम समाज भी मुख्य धारा में है। -शहनाज रजा खान, सामाजिक कार्यकर्ता
हर मुस्लिम जश्न मना रही है
तीन तलाक पर कानून बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट और मोदी सरकार का बहुत आभार। देश की हर मुस्लिम महिला इस वक्त जश्न मना रही है। वर्षों से महिलाओं का शोषण करते आ रहे लोगों के गाल पर ये करारा तमाचा है। -तनजीम खान, वर्कर
आज इससे ज्यादा खुशी की बात कोई और नहीं है। पहली बार मुस्लिम महिलाओं के हित में कुछ हुआ है। ये कानून मुस्लिम महिलाओं के लिए एक संजीवनी है, जिसने हरेक के जीवन को बदल दिया है। - गजाला परवीन, टीचर
तीन तलाक पर कानून बनना ऐतिहासिक है। मैं बहुत खुश हूं। बचपन से ही अपने आसपास मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ वातावरण को देखा है। इसलिए मुझे इस कानून की अहमियत अच्छे से पता है। - गजाला हाशमी, सामाजिक कार्यकर्ता
कुरान का हवाला देकर अक्सर कुछ लोग मुस्लिम समाज के विकास की बातें करते थे। एक कमरे में बंद होकर पूरे समाज पर अधिकार जमाने वालों के लिए ये कानून सबक बनेगा। मैं बहुत खुश हूं। मेरा परिवार भी इस पर काफी खुश है। - शाजिया निसार, वर्कर