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Delhi NCR News: दिल्ली में बहुस्तरीय वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
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ठगी की रकम को फर्जी पीओएस लेनदेन से नकदी में बदलते थे आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बहुस्तरीय वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य खातेधारक मोहम्मद इजहान और उसके सहयोगी मनोज कुमार व नूर हसन शामिल हैं। ये ठगी की रकम को फर्जी पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) लेनदेन के जरिये नकदी में बदलते थे।
अपराध शाखा के डीसीपी आदित्य गौतम के अनुसार, जांच के दौरान इजहान के खाते में ठगी से प्राप्त 6.8 लाख रुपये का पता चला। एक सप्ताह की निगरानी के बाद पुलिस ने उसे जामिया नगर से पकड़ा। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने फरार साथियों के निर्देश पर खाता खोला और फर्जी पीओएस लेनदेन के माध्यम से राशि निकाली।
इजहान से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सरिता विहार स्थित पेट्रोल पंप पर काम करने वाले मनोज कुमार और नूर हसन को भी गिरफ्तार किया। दोनों ने पंप पर फर्जी बिक्री दिखाकर ठगी की रकम को नकदी में बदला। पुलिस ने उनके पास से 3.03 लाख रुपये बरामद किए हैं, जिनमें 2.13 लाख रुपये फर्जी पीओएस टर्मिनल से जुड़े बताए गए हैं।
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ऐसे काम करता था गिरोह
यह गिरोह कई स्तरों पर काम करता था। ये पहले स्तर में कमीशन के बदले में खोला गया धोखाधड़ी वाला खाता खोलते थे। इसे इजहान द्वारा संचालित किया जाता था। दूसरे स्तर में झूठे पेट्रोल पंप ईंधन बिक्री रिकॉर्ड के आधार पर पीओएस टर्मिनलों के माध्यम से नकदी रूपांतरण की जाती थी। ये मनोज और नूर द्वारा संचालित किया जाता था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बहुस्तरीय वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य खातेधारक मोहम्मद इजहान और उसके सहयोगी मनोज कुमार व नूर हसन शामिल हैं। ये ठगी की रकम को फर्जी पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) लेनदेन के जरिये नकदी में बदलते थे।
अपराध शाखा के डीसीपी आदित्य गौतम के अनुसार, जांच के दौरान इजहान के खाते में ठगी से प्राप्त 6.8 लाख रुपये का पता चला। एक सप्ताह की निगरानी के बाद पुलिस ने उसे जामिया नगर से पकड़ा। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने फरार साथियों के निर्देश पर खाता खोला और फर्जी पीओएस लेनदेन के माध्यम से राशि निकाली।
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इजहान से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सरिता विहार स्थित पेट्रोल पंप पर काम करने वाले मनोज कुमार और नूर हसन को भी गिरफ्तार किया। दोनों ने पंप पर फर्जी बिक्री दिखाकर ठगी की रकम को नकदी में बदला। पुलिस ने उनके पास से 3.03 लाख रुपये बरामद किए हैं, जिनमें 2.13 लाख रुपये फर्जी पीओएस टर्मिनल से जुड़े बताए गए हैं।
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ऐसे काम करता था गिरोह
यह गिरोह कई स्तरों पर काम करता था। ये पहले स्तर में कमीशन के बदले में खोला गया धोखाधड़ी वाला खाता खोलते थे। इसे इजहान द्वारा संचालित किया जाता था। दूसरे स्तर में झूठे पेट्रोल पंप ईंधन बिक्री रिकॉर्ड के आधार पर पीओएस टर्मिनलों के माध्यम से नकदी रूपांतरण की जाती थी। ये मनोज और नूर द्वारा संचालित किया जाता था।