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मदर डेयरी का दावा, कोई मिलावट नहीं दूध पूरी तरह सुरक्षित

Wed, 17 Jun 2015 10:16 PM IST
Updated Wed, 17 Jun 2015 10:16 PM IST
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Mother Dairy claims, there is no adulteration of milk completely safe

दूध में मिलावट के खबरों के बीच मदर डेयरी का दावा है कि उसके दूध की गुणवत्ता पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित है। उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले मदर डेयरी चार स्तर पर दूध की जांच करती है।

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दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए प्रबंध निदेशक एस नागराजन ने बताया कि उपभोक्ताओं तक दूध पहुंचाने से पहले उसकी कड़ी जांच होती है। मदर डेयरी अपन उपभोक्ताओं को यकीन टूटने नहीं देगा।

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आगरा में मदर डेयरी के दूध के नमूनों में डिटर्जेंट की मिलावट के उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं दवा प्रशासन विभाग (एफडीए) के दावे पर नागराजन ने बताया कि पहली रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
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कोलकाता भेजे गए हैं नमूने

Mother Dairy claims, there is no adulteration of milk completely safe

दोबारा जांच के लिए नमूनों को कोलकाता भेजा गया है। फिलहाल इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की होगी। हालांकि नागराजन का कहना है कि एफडीए ने नमूने गांव स्तर पर इकट्ठा हुए दूध से उठाए थे।


दूध हमारे चिलिंग सेंटर तक भी नहीं पहुंचा था। जहां पहले स्तर की गुणवत्ता की जांच होती है। नागराजन के मुताबिक, मदर डेयरी औचक परीक्षण के बजाय अपने उत्पाद की लगातार जांच करती है।

उपभोक्ताओं तक दूध पहुंचने से पहले मदर डेयरी चार स्तरों पर परीक्षण करती है। एक-एक टैंकर को 23 कठोर गुणवत्ता वाले परीक्षणों से गुजरना पड़ता है। बेहतर गुणवत्ता का शुद्ध और सुरक्षित दूध ही उपभोक्ताओं तक पहुंचता है।

दो बार होती है जांच

Mother Dairy claims, there is no adulteration of milk completely safe

इतना ही नहीं, खुदरा केन्द्रों से भी रोजाना करीब 100 स्थानों से मदर डेयरी दूध केनमूने उठाती है। जिससे उपभोक्ताओं को पूरी तरह सुरक्षित दूध मिले। नागराजन ने बताया कि सबसे पहले गांव से दूध संग्रह केंद्रों पर आता है।

इसके बाद इसे जांच के लिए चिलिंग सेंटर भेजा जाता है। चिलिंग सेंटर पर दूध में मिलावट, वसा प्रतिशत आदि की जांच होती है। जांच में दुरूस्त होने पर ही दूध मदर डेयरी की फैक्टरियों में भेजा जाता है।

यहां इसकी दुबारा जांच होती है। फिर, इसका प्रसंस्करण करके बाजार में उतारा जाता है।

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