Ramadan 2024: दिल्ली समेत देशभर में चांद दिखने के साथ शुरू हुआ रमजान का महीना, पहला रोजा कल, तरावीह शुरू
फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मकर्रम ने बताया कि साल के 12 महीनों में रमजान सबसे खास महीना है।पूरे महीने रोजे रखकर अल्लाह की इबादत की जाती है। अन्य दिनों के मुकाबले एक नेकी पर सवाब (पुण्य) भी बहुत ज्यादा मिलता है।
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चांद दिखने के साथ ही सोमवार को मुकद्दस रमजान की शुरुआत हो गई। देश के कई हिस्सों में सोमवार शाम को चांद देखा गया। फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने चांद दिखने की तसदीक की। 30 दिन चलने वाले मुकद्दस रमजान को लेकर दिल्ली की तमाम मस्जिदों में सभी तैयारियां पहले से ही पूरी कर ली गई थी।
मस्जिदों को दुल्हन की तरह सजाया-संवारा गया है। चांद देखने के बाद ही ईशा की नमाज (रात की नमाज) के बाद तरावीह (कुरान का पाठ) शुरू हो गई। जैसे ही रमजान का चांद दिखा लोगों ने एक दूसरे को गले लगकर चांद की बधाई देना शुरू कर दिया। फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मकर्रम ने बताया कि साल के 12 महीनों में रमजान सबसे खास महीना है।
पूरे महीने रोजे रखकर अल्लाह की इबादत की जाती है। अन्य दिनों के मुकाबले एक नेकी पर सवाब (पुण्य) भी बहुत ज्यादा मिलता है। मौलाना ने लोगों को नसीहत देते हुए कहा कि वह ज्यादा से ज्यादा खुदा का जिक्र करें, जकात और अन्य दान दें। आम दिनों के मुकाबले लोगों से नर्म दिली से पेश आएं।
रोजा रखकर रोजेदार को उस व्यक्ति का एहसास होता है जो दो वक्त की रोटी भी नही जुटा पाता। रोजों के दौरान लोगों में इस तरह के लोगों का ख्याल रखने का जज्बा पैदा होगा। अल्लाह ने इसलिए सभी मुसलमानों पर रोजे फर्ज किए। मौलाना ने लोगों से अपील की है कि वह पूरे मुल्क के लिए अमन की दुआएं मांगे और शांति बनाएं रखें।