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विधायक ने तहसील कार्यालय में मारा छापा, कई रजिस्ट्रियों में मिलीं अनियमितताएं
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sat, 26 Nov 2016 07:52 AM IST
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विधायक उमेश अग्रवाल ने शुक्रवार यहां के तहसील कार्यालय में छापा मारकर जमीन व प्लॉटों की रजिस्ट्री करने में बरती जा रहीं अनियमितताएं पकड़ीं। कई मामले ऐसे भी मिले, जिनमें रजिस्ट्री के मुख्य पृष्ठ पर राजस्व क्षेत्र का दिया गया हवाला रजिस्ट्री के वास्तविक राजस्व क्षेत्र के विपरीत मिला।
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विधायक ने मीडिया को बताया कि अभी तक उन्होंने जिन रजिस्ट्रियों की जांच की है, उनमें कई मामलों में नियमों को अनदेखा किया गया है। चौमा गांव के राजस्व क्षेत्र की एक रजिस्ट्री के प्रथम पृष्ठ पर गुरुग्राम गांव के राजस्व क्षेत्र का हवाला दिया गया है, जबकि संबंधित जमीन चौमा गांव के भू-राजस्व क्षेत्र की है। यह अपने आप में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला है और इस मामले में रजिस्ट्री करने और कराने वालों के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि बिना एनओसी के अनाधिकृत कॉलोनियों की रजिस्ट्री न की जाए इसके बावजूद अधिकारी इन आदेशों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं।
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अग्रवाल ने बताया कि एक अन्य रजिस्ट्री में प्रथम पृष्ठ पर पालम विहार कॉलोनी का उल्लेख किया गया है, जबकि रजिस्ट्री में खसरा व किला नंबर सराय गांव का दर्ज है। विधायक के मुताबिक पालम विहार कालोनाइजर द्वारा विकसित मंजूरशुदा कॉलोनी है, जबकि जिस प्लॉट की रजिस्ट्री की गई वह प्लॉट इस कालोनी से लगती अवैध कॉलोनी का है। इस प्लॉट की रजिस्ट्री नोएडा से कराई गई जीपीए के आधार पर की गई है।
विधायक का कहना है कि यह मात्र उदाहरण है। वे अब तक ऐसे ही दो दर्जन से अधिक मामले पकड़ चुके हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि प्रतिदिन होने वाली रजिस्ट्री का पूरा रिकार्ड ऑनलाइन उपायुक्त व चंडीगढ़ मुख्यालय को भेजा जाता है, लेकिन आज तक उपायुक्त द्वारा ऐसी अनियमितताओं पर भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इतनी गंभीर अनियमितताएं लगातार जारी रहने से उपायुक्त की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
विधायक ने कहा कि वह वे पूरे मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की सिफारिश करेंगे।
विधायक को बुलाकर मामले की जानकारी ली जाएगी, जो इस पूरे प्रकरण में दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तहसील में अनियमितता की जांच एसडीएम गुरुग्राम को सौंप दी गई है। जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों का खुलासा मीडिया व जनता के सामने जल्द किया जाएगा।-टीएल सत्यप्रकाश, उपायुक्त, गुरुग्राम