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डीपीएस दुष्कर्म मामला: सामने आई स्कूल में सुरक्षा की खामियां, जांच में चौंकाने वाला खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:30 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोएडा में मासूम से दुष्कर्म मामले की मजिस्ट्रेटी जांच में स्कूल प्रबंधन और स्कूल की प्रधानाचार्या को क्लीन चिट दे दी गई है। हालांकि, जांच में स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर खामियां पाई गई हैं।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि स्कूल सीबीएसई के मानकों को पूरा नहीं कर रहा है। जिसके चलते जिलाधिकारी की ओर से स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा है।
स्कूल प्रबंधन को मानकों को पूरा करने के लिए समय दिया गया है, यदि प्रबंधन इसे पूरा नहीं करता तब जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा।
दिल्ली पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोएडा में 12 जुलाई को बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी बीएन सिंह ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में बनाई गई पांच अधिकारियों की टीम से जांच पूरी करके पंद्रह दिन में रिपोर्ट मांगी गई थी।
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जांच में यह बात भी सामने आई है कि स्कूल सीबीएसई के मानकों को पूरा नहीं कर रहा है। जिसके चलते जिलाधिकारी की ओर से स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा है।
स्कूल प्रबंधन को मानकों को पूरा करने के लिए समय दिया गया है, यदि प्रबंधन इसे पूरा नहीं करता तब जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा।
दिल्ली पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोएडा में 12 जुलाई को बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी बीएन सिंह ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में बनाई गई पांच अधिकारियों की टीम से जांच पूरी करके पंद्रह दिन में रिपोर्ट मांगी गई थी।
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जिसमें एडीएम प्रशसन के अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, मुख्य दमकल अधिकारी, सीएमओ को रखा गया था। इस दौरान सभी अधिकारियों ने टीम सहित जांच कर एडीएम को सौंपी।
एडीएम ने लगभग एक महीने में जांच पूरी करने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी है। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि जांच में स्कूल की प्रधानाचार्या को निर्दोष पाया गया है।
पुलिस से शिकायत होने पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। यदि स्कूल की प्रधानाचार्या या प्रबंधन की मिलीभगत होती तो वह उसे बाहर भेज सकते थे। प्रधानाचार्या या प्रबंधन उसका पक्ष ले सकती थी लेकिन स्कूल प्रबंधन की ऐसी कोई गलती नहीं मिली है।
एडीएम ने लगभग एक महीने में जांच पूरी करने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी है। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि जांच में स्कूल की प्रधानाचार्या को निर्दोष पाया गया है।
पुलिस से शिकायत होने पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। यदि स्कूल की प्रधानाचार्या या प्रबंधन की मिलीभगत होती तो वह उसे बाहर भेज सकते थे। प्रधानाचार्या या प्रबंधन उसका पक्ष ले सकती थी लेकिन स्कूल प्रबंधन की ऐसी कोई गलती नहीं मिली है।
हालांकि, स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कुछ खामियां मिली हैं। स्कूल में विभिन्न जरूरत के स्थानों पर सीसीटीवी नहीं लगे हैं। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में चूक के चलते चलते प्रबंधन को नोटिस भेजा गया है।
जिसका स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि यदि स्कूल बच्चों की सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ करता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को दिया ज्ञापन
डीपीएस मामले में स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्या पर कार्रवाई की मांग को लेकर अभिभावकों और शिक्षा अधिकार आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. प्रभात कुमार से मिलने जीबीयू पहुंचे।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन को इसमें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसे लेकर वह एसएसपी के पास भी गए थे लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। प्रमुख सचिव के न मिलने पर अभिभावकों ने ज्ञापन देकर अपनी मांग रखी।
जिसका स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि यदि स्कूल बच्चों की सुरक्षा को लेकर खिलवाड़ करता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को दिया ज्ञापन
डीपीएस मामले में स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्या पर कार्रवाई की मांग को लेकर अभिभावकों और शिक्षा अधिकार आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. प्रभात कुमार से मिलने जीबीयू पहुंचे।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन को इसमें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसे लेकर वह एसएसपी के पास भी गए थे लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। प्रमुख सचिव के न मिलने पर अभिभावकों ने ज्ञापन देकर अपनी मांग रखी।