दिल्ली में सीजन की पहली शीतलहर: 28 साल बाद 11 दिसंबर की सुबह सर्दी ने सताया, अगले दो दिनों के लिए येलो अलर्ट
Delhi Cold Wave Alert News: देश की राजधानी दिल्ली में पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं ने दिल्ली में सर्दी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं, अधिकतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री नीचे रहा, जो 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं ने दिल्ली में सर्दी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिल्ली में 28 साल बाद 11 दिसंबर की सुबह लोगों को शीतलहर ने सताया। इस दौरान मंगलवार के मुकाबले पांच डिग्री कम न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 3.8 डिग्री सेल्सियस तापमान आया नगर में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में न्यूनतम तापमान चार से छह डिग्री रहने का अनुमान है।
इससे पहले 11 दिसंबर, 1996 को 2.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया था। सफदरजंग वेधशाला में अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान 27 दिसंबर, 1930 को 0.0 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग का मानना है कि तापमान में अचानक गिरावट का कारण हिमालय से आने वाली ठंडी हवाएं हैं। पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने से हवा का प्रवाह बदला है। तापमान में कमी आई है। वहीं, अधिकतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री नीचे रहा, जो 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसमें 24 घंटे के भीतर 2 डिग्री की कमी दर्ज की गई।
यह होती है शीत लहर
- मैदानी क्षेत्रों में जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री व इससे नीचे होने के साथ सामान्य से 4.5-6.4 डिग्री सेल्सियस कम होता है तो शीत लहर होती है। वहीं, सामान्य से 6.5 या इससे कम होने पर गंभीर स्तर की ठंड रहती है।
- अगर तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे चला जाता है तो इसे भी शीत लहर माना जाता है। वहीं, 2 डिग्री सेल्सियस पर गंभीर स्तर की शीत लहर होती है। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे जाने पर शीत लहर होती है।