मिनी स्कर्ट बनी आतंकी हमले का कारण!
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दिल्ली की जामा मस्जिद में दो साल पहले हुए आतंकी हमले पीछे बहुत ही चौंकाने वाली वजह सामने आई है।
पटियाला हाउस कोर्ट में दायर किए गए आरोप पत्र में दिल्ली पुलिस ने इस बात का खुलासा किया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।
बता दें कि साल 2010 में आतंकियों ने जामा मस्जिद के गेट नंबर तीन पर हमला किया था, क्योंकि इसी गेट से ज्यादातर लोग और विदेशी पर्यटक जामा मस्जिद परिसर में प्रवेश करते हैं।
ऐसे हुआ था मस्जिद पर हमला
दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने बताया कि आरोपियों की नजर में विदेशियों द्वारा छोटे कपड़े पहनने को गैर इस्लामिक माना जाता है।
विदेशी महिला पर्यटकों के मिनी स्कर्ट पहनकर आने की नाराज इंडियन मुजाहिदीन के सह संस्थापक यासीन भटकल और उसके साथियों ने 2010 में जामा मस्जिद में हमला किया था।
गौरतलब है कि 19 सितंबर 2010 को जामा मस्जिद पर हुए आतंकी हमले में यासीन भटकल और असदुल्लाह अख्तर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि दो मोटरसाइकिल पर आए लोगों ने मस्जिद के तीन नंबर गेट पर पर्यटकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें दो ताइवानी पर्यटक कू जेई वेई और को चियांगे घायल हो गए थे।
...तो हो सकती थी बड़ी घटना
इसके अलावा इलाके में खड़ी की गयी चोरी की कार में कुकर बम से मामूली धमाका किया गया था। आरोप पत्र में पुलिस ने कहा कि 13 फरवरी 2010 को पुणे की जर्मन बेकरी में हुए शक्तिशाली बम विस्फोट में 17 लोग मारे गए थे, जिनमें विदेशी भी शामिल थे। हमले में करीब 60 लोग घायल हुए थे।
इसके बाद आईएम के भारतीय प्रमुख यासीन भटकल ने पहाड़गंज की जर्मन बेकरी में एक अगस्त 2010 को आतंकी हमले की योजना बनाई थी, लेकिन इसे अंजाम देने वाले आतंकी को दुर्घटनावश हुई गोलीबारी में चोटें आ गई थीं, जिसकी वजह से योजना को रद्द कर दिया गया था।
पुलिस ने दावा किया है कि भटकल को पाकिस्तान स्थित उसके आकाओं ने 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों से पूर्व दिल्ली में आतंकी हमले करने का निर्देश दिया था।