दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन से पैदल जा रहे श्रमिक, आरपीएफ और जीआरपी भी रोकने में नाकाम, हादसे की आशंका
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महाराष्ट्र में पटरी पर सो रहे मजदूरों के साथ हुए हादसे के बाद भी कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। अभी भी दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग से श्रमिकों का बिहार की ओर कूच जारी है। श्रमिकों को आरपीएफ, रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
शनिवार को भी श्रमिकों को जाते हुए देखा गया। ऐसे में उनके हादसाग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है। दिल्ली के आजादपुर से कानपुर के लिए 12 से अधिक महिलाएं, बच्चे और पुरुष शुक्रवार को पैदल ही निकल पड़े। दिल्ली से हावड़ा को जाने वाले रेलमार्ग पर श्रमिकों को जाते हुए देखा जा सकता है।
लगातार गिट्टियों पर चलने से उनके पैरों में छाले भी पड़ रहे हैं। इसके बाद भी वह रुकने को तैयार नहीं हैं। शनिवार को विकास कुमार, अमित कुमार, अतुल कुमार परिवार के साथ गांव रूपवास के पास पहुंचे तो पूछने पर बताया कि तपती धूप में पैदल चलने में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जब रेलवे लाइन के पास कोई गांव या कालोनी दिखती है तो कुछ देर बैठकर आराम कर लेते हैं। इसके बाद लोगों से उस स्थान का नाम पूछते हैं। इसके बाद आपस में चर्चा करते हैं कि कितना दूर और चलना है। एक युवक का कहना था कि मारीपत रेलवे स्टेशन के पास पुलिस ने देखा तो हम खेतों में चले गए।
कुछ दूर खेतों में चलने के बाद फिर से रेलवे लाइन पर आ गए। इस तरह से अपने गांव तक जाएंगे। वहीं, आरपीएफ समेत जीआरपी और स्थानीय पुलिस इन्हें रोकने में नाकाम साबित हो रही है। रेलवे प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार आर्य का कहना है कि रेल मार्ग पर बने गेटों पर पुलिस बल तैनात है।
मजदूर पुलिस को देखकर खेतों के रास्ते से निकलने का प्रयास कर रहे हैं। अगर कोई मजदूर रेलवे लाइन पर पैदल जाता हुआ मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
12 लोगों को जीआरपी ने पकड़ा
दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग से पैदल जा रहे 12 लोगों को दादरी क्रॉसिंग पर जीआरपी ने पकड़ लिया। सभी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। जीआरपी ने बताया कि भागलपुर निवासी संजीव कुमार, सकुनी, रणजीत, मनुशंकर, छगुंरी, मुकेश कुमार, अखिलेश और अंकित समेत 12 लोगों को पकड़ा गया है।
सभी गुरुग्राम में मजदूरी करते थे। डेढ़ माह से न तो काम मिला है और न ही भरपेट भोजन। आर्थिक तंगी और भूख से परेशान होकर शुक्रवार सुबह गुरुग्राम से पैदल बिहार के लिए निकल पडे़। शनिवार सुबह करीब 10 बजे दौलतराम कॉलोनी के नजदीक पहुंचे।
वहां तैनात आरपीएफ के जवान ने उनको रोक लिया और दादरी तिराहे की ओर भेज दिया। यहां पुलिस ने सभी से पूछताछ की। इसके बाद मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। परीक्षण के बाद उन्हें शेल्टर होम भेजा जाएगा।