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Delhi NCR News: गाजीपुर मंडी में जलभराव रोकने के लिए लगेगा ऑटोमैटिक सीवेज कंट्रोल पैनल
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-फूल मंडी के सीवेज पंप का संचालन होगा स्वचालित, मानसून में जलभराव से जूझता है मंडी क्षेत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। गाजीपुर मंडी में सीवेज और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अब पंपों के संचालन को स्वचालित करने की तैयारी है। दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड (डीएएमबी) फूल मंडी में 88,500 रुपये की लागत से ऑटोमैटिक सीवेज पंप कंट्रोल पैनल लगाएगा। यह पैनल जलस्तर के हिसाब से पंप को खुद चालू और बंद करेगा। परियोजना की अवधि 15 दिन रखी गई है और प्रक्रिया 5 सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है।
मंडी की जल निकासी व्यवस्था लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। मानसून के दौरान गाजीपुर मंडी और आसपास के हिस्सों में जलभराव की स्थिति सामने आती रही है। जुलाई 2025 में मंडी के सामने की सड़क पर कई दिनों तक पानी और सीवेज जमा रहने की रिपोर्ट सामने आई थी। जुलाई 2026 में भी बारिश के बाद गाजीपुर मंडी क्षेत्र के जलमग्न होने की तस्वीरें सामने आईं है।
अब संचालन व्यवस्था में बदलाव
दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड ने फूल मंडी, गाजीपुर में सीवेज पंप के लिए ऑटोमैटिक सीवेज पंप कंट्रोल पैनल की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और संचालन की परियोजना शुरू की है। इसमें ऑटो और मैनुअल दोनों तरह से संचालन, जलस्तर नियंत्रण तथा विद्युत सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। गाजीपुर मंडी में सीवेज और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अब पंपों के संचालन को स्वचालित करने की तैयारी है। दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड (डीएएमबी) फूल मंडी में 88,500 रुपये की लागत से ऑटोमैटिक सीवेज पंप कंट्रोल पैनल लगाएगा। यह पैनल जलस्तर के हिसाब से पंप को खुद चालू और बंद करेगा। परियोजना की अवधि 15 दिन रखी गई है और प्रक्रिया 5 सितंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है।
मंडी की जल निकासी व्यवस्था लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। मानसून के दौरान गाजीपुर मंडी और आसपास के हिस्सों में जलभराव की स्थिति सामने आती रही है। जुलाई 2025 में मंडी के सामने की सड़क पर कई दिनों तक पानी और सीवेज जमा रहने की रिपोर्ट सामने आई थी। जुलाई 2026 में भी बारिश के बाद गाजीपुर मंडी क्षेत्र के जलमग्न होने की तस्वीरें सामने आईं है।
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अब संचालन व्यवस्था में बदलाव
दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड ने फूल मंडी, गाजीपुर में सीवेज पंप के लिए ऑटोमैटिक सीवेज पंप कंट्रोल पैनल की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और संचालन की परियोजना शुरू की है। इसमें ऑटो और मैनुअल दोनों तरह से संचालन, जलस्तर नियंत्रण तथा विद्युत सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी।
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