देश में पहली बार अब छोटे शहरों में भी दौड़ेगी मेट्रो, लाइट मेट्रो पर काम कर रही डीएमआरसी
10 लाख की आबादी वाले शहरों में भी दौड़ेगी मेट्रो
देश में पहली बार लाइट मेट्रो पर काम कर रही डीएमआरसी
तिरुवनंतपुरम और कोचीकोड के लिए बनाई कार्ययोजना, मंजूरी का इंतजार
फिलहाल 20 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ही मेट्रो योजना को मिलती है अनुमति
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विस्तार
केंद्र सरकार ने अगर इसे मंजूरी दे दी तो में घनी आबादी वाले छोटे शहरों में कम बजट में मेट्रो पहुंचाने का सपना पूरा हो सकेगा। लाइट मेट्रो का यह योजना मेट्रो मैन डॉ. ई. श्रीधरन की देखरेख में चल रहा है।
वह खुद इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की वकालत कर रहे हैं। कम जगह और कम बजट में तैयार होने वाले इस मेट्रो के आने से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में भी मेट्रो सफर का सपना पूरा किया जा सकेगा। फिलहाल भारत में 20 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ही मेट्रो योजना को मंजूरी दी जाती है।
जानकारों के अनुसार, लाइट मेट्रो का बजट सामान्य मेट्रो के बजट से 40 फीसदी कम होगा। इतना ही नहीं तीन से चार कोच वाले लाइट मेट्रो को बनाने के लिए जगह भी कम चाहिए। कारण, इस मेट्रो की चौड़ाई महज 2.7 मीटर होती है और इसे कर्व (मुड़ने) के लिए महज 60 मीटर का जगह चाहिए, जो सामान्य मेट्रो करीब 120 मीटर लेती है।
21.82 किमी लाइन, 19 स्टेशन
दिल्ली मेट्रो ने लाइट मेट्रो पर दो शहरों तिरुवनंतपुरम और कोचीकोड के लिए डीपीआर तैयार किया है। इसके तहत तिरुवनंतपुरम में 21.82 किमी की लाइन बनेगी, जिसमें कुल 19 स्टेशन होंगे।
इसे बनाने में पांच साल का समय लगेगा। 2021 तक इससे 3.2 लाख लोग सफर कर पाएंगे। इसी तरह कोचीकोड में लाइट मेट्रो की 13.33 किमी की एलिवेटेड लाइन होगी। इस पर 14 स्टेशन होंगे। इसका निर्माण चार साल में हो जाएगा।
करना चाहिए विस्तार
अगर तिरुवनंतपुरम और कोचीकोड में लाइट मेट्रो को मंजूरी मिली तो यह भारत का पहला लाइट मेट्रो होगा। बेहतरीन योजना है, इससे छोटे शहरों में कम बजट में बनाया जा सकता है। भारत में मेट्रो की जरूरत है। ऐसे में इस योजना का तेजी से विस्तार करना चाहिए। वर्तमान में 35 शहर मेट्रो की अनिवार्यता पूरी करते हैं। हम 13 शहरों तक ही पहुंच पाएं हैं। -डॉ. ई. श्रीधरन प्रमुख सलाहकार, डीएमआरसी
फैक्ट फाइल-
40 फीसदी कम लागत होगी सामान्य मेट्रो से
10 लाख की आबादी वाले शहरों के लिए उपयुक्त
3 कोच वाली मेट्रो ट्रेन होगी लाइट मेट्रो
80 किमी प्रति घंटा तक की स्पीड होगी
2.7 मीटर चौड़ाई होगी कोच की
18 मीटर लंबा होता मेट्रो कोच
60 मीटर पर कर्व ले सकती है यह मेट्रो
120 मीटर जगह चाहिए सामान्य मेट्रो को कर्व के लिए