{"_id":"69bac53b679c2ca3cd007a8a","slug":"medical-tourism-dropped-by-30percent-due-to-war-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-128355-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: पश्चिम एशिया में युद्ध से मेडिकल टूरिज्म में 30 फीसदी गिरावट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: पश्चिम एशिया में युद्ध से मेडिकल टूरिज्म में 30 फीसदी गिरावट
विज्ञापन
-दिल्ली-एनसीआर लंबे समय से पश्चिम एशिया के मरीजों के लिए इलाज का प्रमुख केंद्र
-इराक, ओमान, सऊदी अरब, यूएई और यमन जैसे देशों से बड़ी संख्या में आते हैं मरीज
-आधुनिक तकनीक और अपेक्षाकृत कम खर्च के कारण भारत को देते हैं प्राथमिकता
सिमरन
नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में युद्ध का असर दिल्ली-एनसीआर के मेडिकल टूरिज्म पर दिखाई देने लगा है। दिल्ली में विदेशी मरीजों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली-एनसीआर लंबे समय से पश्चिम एशिया के मरीजों के लिए इलाज का प्रमुख केंद्र रहा है। इराक, ओमान, सऊदी अरब, यूएई और यमन जैसे देशों से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए आते रहे हैं। लेकिन, हाल के संघर्ष और उड़ानों में रुकावट के कारण इन देशों से मरीजों का आना काफी कम हो गया है। इसका असर अस्पतालों की आय पर पड़ा है।
अस्पतालों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन देशों के मरीज बेहतर इलाज, आधुनिक तकनीक और अपेक्षाकृत कम खर्च के कारण भारत को प्राथमिकता देते हैं। अस्पतालों के अनुसार, सबसे ज्यादा गिरावट इराक और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों में देखी गई है।
सुरक्षा को लेकर चिंता गिरावट का प्रमुख कारण
जानकारों के अनुसार, अधिकतर मरीज इलाज को रद्द नहीं कर रहे हैं, बल्कि फिलहाल उसे टाल रहे हैं। वैसे मरीज जो प्लान्ड सर्जरी या अन्य मेडिकल प्रक्रियाओं के लिए आने वाले थे, उन्होंने यात्रा की तिथि आगे बढ़ा दी है। अनिश्चितता और सुरक्षा की चिंता इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।
विज्ञापन
अस्पतालों के अनुसार, कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी (कैंसर इलाज) और मिनिमली इन्वेसिव सर्जरी जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मरीजों की अच्छी हिस्सेदारी रहती है। फर्टिलिटी ट्रीटमेंट, कॉस्मेटिक सर्जरी और वेलनेस थेरेपी जैसी गैर-आपात सेवाओं में गिरावट और ज्यादा देखने को मिल रही है।
आय में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी का अनुमान
एक बड़े अस्पताल समूह के अधिकारी के अनुसार, फरवरी के अंतिम दिनों की तुलना में मार्च की शुरुआत में पश्चिम एशिया से आने वाले मरीजों की संख्या में 70 से 75 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे अंतरराष्ट्रीय कारोबार से होने वाली आय में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी का अनुमान है। कुछ अन्य अस्पतालों ने भी मेडिकल टूरिज्म से जुड़े राजस्व में 30 से 40 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका जताई है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि अफ्रीकी देशों के कई मरीज भारत आने के लिए वेस्ट एशिया के हवाईअड्डों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में उड़ानों में रुकावट का असर अफ्रीकी मरीजों की यात्रा पर भी पड़ा है।
विज्ञापन
-इराक, ओमान, सऊदी अरब, यूएई और यमन जैसे देशों से बड़ी संख्या में आते हैं मरीज
-आधुनिक तकनीक और अपेक्षाकृत कम खर्च के कारण भारत को देते हैं प्राथमिकता
सिमरन
नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में युद्ध का असर दिल्ली-एनसीआर के मेडिकल टूरिज्म पर दिखाई देने लगा है। दिल्ली में विदेशी मरीजों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली-एनसीआर लंबे समय से पश्चिम एशिया के मरीजों के लिए इलाज का प्रमुख केंद्र रहा है। इराक, ओमान, सऊदी अरब, यूएई और यमन जैसे देशों से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए आते रहे हैं। लेकिन, हाल के संघर्ष और उड़ानों में रुकावट के कारण इन देशों से मरीजों का आना काफी कम हो गया है। इसका असर अस्पतालों की आय पर पड़ा है।
अस्पतालों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन देशों के मरीज बेहतर इलाज, आधुनिक तकनीक और अपेक्षाकृत कम खर्च के कारण भारत को प्राथमिकता देते हैं। अस्पतालों के अनुसार, सबसे ज्यादा गिरावट इराक और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों में देखी गई है।
विज्ञापन
सुरक्षा को लेकर चिंता गिरावट का प्रमुख कारण
जानकारों के अनुसार, अधिकतर मरीज इलाज को रद्द नहीं कर रहे हैं, बल्कि फिलहाल उसे टाल रहे हैं। वैसे मरीज जो प्लान्ड सर्जरी या अन्य मेडिकल प्रक्रियाओं के लिए आने वाले थे, उन्होंने यात्रा की तिथि आगे बढ़ा दी है। अनिश्चितता और सुरक्षा की चिंता इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।
विज्ञापन
अस्पतालों के अनुसार, कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी (कैंसर इलाज) और मिनिमली इन्वेसिव सर्जरी जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मरीजों की अच्छी हिस्सेदारी रहती है। फर्टिलिटी ट्रीटमेंट, कॉस्मेटिक सर्जरी और वेलनेस थेरेपी जैसी गैर-आपात सेवाओं में गिरावट और ज्यादा देखने को मिल रही है।
आय में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी का अनुमान
एक बड़े अस्पताल समूह के अधिकारी के अनुसार, फरवरी के अंतिम दिनों की तुलना में मार्च की शुरुआत में पश्चिम एशिया से आने वाले मरीजों की संख्या में 70 से 75 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इससे अंतरराष्ट्रीय कारोबार से होने वाली आय में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी का अनुमान है। कुछ अन्य अस्पतालों ने भी मेडिकल टूरिज्म से जुड़े राजस्व में 30 से 40 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका जताई है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि अफ्रीकी देशों के कई मरीज भारत आने के लिए वेस्ट एशिया के हवाईअड्डों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में उड़ानों में रुकावट का असर अफ्रीकी मरीजों की यात्रा पर भी पड़ा है।