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मेडिकल इनोवेशन सेंटर स्वास्थ्य सेवा में बनेगा मॉडल : डॉ. पंकज कुमार सिंह
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मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में सेंटर का उद्घाटन, मेडटेकएक्स कार्यक्रम भी शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने शुक्रवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मेडिकल इनोवेशन सेंटर का औपचारिक उद्घाटन किया और तीन दिवसीय मेडटेकएक्स का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपनी तरह का पहला इनोवेशन प्लेटफॉर्म है, जो डॉक्टरों, प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं और मेडिकल छात्रों को स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू किया गया यह सेंटर साइबर-फिजिकल सिस्टम इनोवेशन मिशन के अनुरूप है और भविष्य में दिल्ली को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य प्रणाली देने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी मजबूत करेगा। सेंटर डिजिटल हेल्थ, मेडिकल डिवाइस डिजाइन और किफायती उपचार तकनीकों पर काम करेगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने स्वास्थ्य सेवा में नई क्रांति ला दी है। यह सेंटर नई वैक्सीन, डायग्नोस्टिक डिवाइस, सूचना प्रणाली और वायरल बीमारियों पर नियंत्रण की दिशा में शोध को गति देगा। इसे दिल्ली को हेल्थ-टेक राजधानी बनाने के लक्ष्य से तैयार किया गया है।
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मास्क पहनने पर नहीं होगी घबराहट
सेंटर में एक नया इनोवेटिव मास्क भी प्रदर्शित किया गया है, जिसमें एन-95 फिल्टर के साथ फैन लगा है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है। सचिव डॉ. अनुराग मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर और शोधकर्ता साथ मिलकर देश की स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान ढूंढ़ेंगे। कार्यक्रम में कॉलेज डीन डॉ. मुनीषा अग्रवाल, सेंटर निदेशक डॉ. सविता मिश्रा, लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. बीएल चौधरी सहित कई प्रोफेसर और छात्र मौजूद रहे।
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खूनी दरवाजे का बदल सकता है नाम
स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत दिया कि बहादुरशाह जफर मार्ग स्थित खूनी दरवाजे का नाम बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनका जन्म इसी मेडिकल कॉलेज में हुआ है और बचपन यहीं बीता है, इसलिए वह चाहते हैं कि इस स्थान की पहचान और बेहतर हो। खूनी दरवाजे को पहले काबुली या लाल दरवाजे के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण शेरशाह सूरी के समय हुआ था और इसका नाम 1857 के संघर्ष तथा नादिर शाह के हमले से जुड़े नरसंहार की घटनाओं से जुड़ा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने शुक्रवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मेडिकल इनोवेशन सेंटर का औपचारिक उद्घाटन किया और तीन दिवसीय मेडटेकएक्स का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपनी तरह का पहला इनोवेशन प्लेटफॉर्म है, जो डॉक्टरों, प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं और मेडिकल छात्रों को स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू किया गया यह सेंटर साइबर-फिजिकल सिस्टम इनोवेशन मिशन के अनुरूप है और भविष्य में दिल्ली को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य प्रणाली देने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी मजबूत करेगा। सेंटर डिजिटल हेल्थ, मेडिकल डिवाइस डिजाइन और किफायती उपचार तकनीकों पर काम करेगा।
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डॉ. सिंह ने बताया कि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने स्वास्थ्य सेवा में नई क्रांति ला दी है। यह सेंटर नई वैक्सीन, डायग्नोस्टिक डिवाइस, सूचना प्रणाली और वायरल बीमारियों पर नियंत्रण की दिशा में शोध को गति देगा। इसे दिल्ली को हेल्थ-टेक राजधानी बनाने के लक्ष्य से तैयार किया गया है।
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मास्क पहनने पर नहीं होगी घबराहट
सेंटर में एक नया इनोवेटिव मास्क भी प्रदर्शित किया गया है, जिसमें एन-95 फिल्टर के साथ फैन लगा है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है। सचिव डॉ. अनुराग मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर और शोधकर्ता साथ मिलकर देश की स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान ढूंढ़ेंगे। कार्यक्रम में कॉलेज डीन डॉ. मुनीषा अग्रवाल, सेंटर निदेशक डॉ. सविता मिश्रा, लोकनायक अस्पताल के निदेशक डॉ. बीएल चौधरी सहित कई प्रोफेसर और छात्र मौजूद रहे।
खूनी दरवाजे का बदल सकता है नाम
स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत दिया कि बहादुरशाह जफर मार्ग स्थित खूनी दरवाजे का नाम बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनका जन्म इसी मेडिकल कॉलेज में हुआ है और बचपन यहीं बीता है, इसलिए वह चाहते हैं कि इस स्थान की पहचान और बेहतर हो। खूनी दरवाजे को पहले काबुली या लाल दरवाजे के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण शेरशाह सूरी के समय हुआ था और इसका नाम 1857 के संघर्ष तथा नादिर शाह के हमले से जुड़े नरसंहार की घटनाओं से जुड़ा है।