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हद है! नगर निगम के लाखों रुपये ‘कूड़े’ में
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 20 May 2014 08:22 PM IST
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रुपये की बर्बादी में नगर निगम दूसरे विभागों से अव्वल नजर आता है। अब नए डिजाइन के कूड़ेदान को ही ले लीजिए। लाखों रुपये खर्च कर मंगवाए गए स्टाइलिश कूड़ेदान समस्या कम करने की बजाय बढ़ा ही रहे हैं।
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इनकी न सलीके से सफाई होती है और न ही रखरखाव का कोई बंदोबस्त है। शहर को साफ सुथरा रखने के लिए नगर निगम ने दो माह पहले कई स्थानों पर सीमेंट-कंक्रीट के कूड़ेदान रखवाने की योजना बनाई।
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इसके तहत लाखों रुपये खर्च कर शहरी एरिया में 4000 से अधिक डस्टबिन रखवाए गए। इनका डिजाइन ऐसा चयन किया गया, ताकि कोई इन्हें चुरा नहीं पाए। निगम अधिकारियों को लगा कि इनकी मदद से शहर को साफ-सुथरा रखा जा सकेगा। लेकिन यह मिथक जल्दी ही टूट गया।
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इनकी सफाई को लेकर भी नगर निगम कतई गंभीर नहीं रहा। जिसके चलते यह सुविधा लोगों के लिए आफत बन गई है। सबसे बुरा हाल रेलवे स्टेशन के आसपास बसी कॉलोनियों का है। यहां कई-कई दिनों तक इन कूड़ेदानों की सफाई नहीं होती है।
अगर गलती से कोई सफाई कर्मचारी इसे उडे़ल भी दे तो सीधा नहीं करता। लोग पुराने ढर्रे पर यहां-वहां कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। कई बार इसकी शिकायत नगर अधिकारियों से भी की गई है। उधर, कुछ पार्षदों का कहना है कि डस्टबीन खरीदने और रखवाने से पहले पार्षदों से किसी तरह की कोई राय नहीं ली गई, जिससे यह परेशानी हो रही है। नगर निगम के सेनिटेशन इंस्पेक्टर अनलि नैन ने कहा कि डस्टिबिन की सफाई सुनिश्चित कराई जाएगी।