दिल्ली पुलिस ने दबोचा ईनामी नक्सली कमांडर
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झारखंड में पुलिस की जीप को एलईडी ब्लास्ट कर उड़ाने और पुलिस टीम पर गोलियां बरसाकर उनकी हत्या करने के आरोपी माओवादी (नक्सली) को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दबोचा है। आरोपी की पहचान चांडेश्वर यादव (26) के रूप में हुई है।
पुलिस की मानें तो आरोपी प्रतिबंधित माओवादी संगठन का सब जोनल कमांडर है। इसकी गिरफ्तारी पर झारखंड सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। आरोपी पिछले कुछ माह से दिल्ली में रहने वाले अपने रिश्तेदार के यहां छुपकर रह रहा था।
स्पेशल सेल के संयुक्त आयुक्त विवेक गोगिया ने बताया कि उनकी टीम राजधानी में लगातार आतंकियों और संदिग्ध लोगों पर नजर रखे रहती है।
इंस्पेक्टर ललित मोहन नेगी, हृदय भूषण और चिंद्रीका प्रसाद की टीम को सूचना मिली थी कि सीनियर माओवादी कमांडर ने नजफगढ़ इलाके की किसी कॉलोनी में पनाह लिए हुए है।
कब और कैसे की थी वारदात
सूचना के बाद रविवार को नाले वाली गली, कापसहेड़ा, दिल्ली से पुलिस की टीम ने आरोपी चांडेश्वर यादव को दबोच लिया। आरोपी अपने रिश्तेदार के यहां रहकर उद्योग विहार स्थित किसी फैक्टरी में मजदूर बनकर काम कर रहा था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह माओवादी संगठन का सब जोनल कमांडर है। होली के बाद वह झारखंड पुलिस से बचने के लिए दिल्ली भाग आया था। तभी से वह यहां रहकर मजूदरी कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने झारखंड पुलिस को सूचना दे दी है।
चांडेश्वर ने खुलासा किया है कि 23 दिसंबर 2014 को उसने अन्य माओवादी साथियों के साथ मिलकर पुलिस पार्टी पर हमला किया था। रांची से 150 किलोमीटर दूर, छतरा जिले में इतखौरी थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला की योजना बनाई गई।
योजना के तहत बरसाई थी गोलियां
योजना के तहत पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी को निशाना बनाने के लिए सड़क पर एलईडी ब्लास्ट की तैयारी की गई। रात के समय जैसे ही पुलिस पार्टी वहां पहुंची, आरोपियों ने ब्लास्ट कर जीप को उड़ा दिया।
बाद में घात लगाकर बैठे आतंकियों ने इंसास रायफल से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था। पीछे से आई पुलिस की दूसरी टीम ने बचाव करते हुए माओवादियों को खदेड़ दिया था।
हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत हुई थी, जबकि दूसरा जख्मी हो गया था। इस पूरे हमले को कमांड चांडेश्वर ने किया था। हमले के बाद झारखंड सरकार ने उसकी गिरफ्तारी पर पांच लाख का इनाम रखा था।
अंकल से झगड़ा करने के बाद बन गया माओवादी
बिहार के गया का रहने वाला चांडेश्वर पिता के साथ खेतीबाड़ी करता था। बाद में वह ऑटो चलाने लगा। पशुओं के बाड़े को लेकर उसका अपने अंकल से झगड़ा हो गया।
अंकल ने उससे और परिवार से मारपीट कर दी। इसी का बदला लेने के लिए वह अपने रिश्तेदार कुशाल यादव से मिला। कुशाल सीनियर माओवादी है। उसने मई 2014 में चांडेश्वर की इंदल सिंह और आलोक यादव नामक दो माओवादियों से मुलाकात करवाई।
बाद में चांडेश्वर ने भी माओवादी संगठन ज्वाइन कर लिया। जंगलों में उसकी ट्रेनिंग कराने के बाद उसे एक यूनिट का सब जोनल कमांडर बना दिया गया। बाद में उसे पुलिस पार्टी पर हमले की जिम्मेदारी सौंपी गई।